जौनपुर। जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की अब पीसीएच रैंक अफसर और आधिशासी अभियंता विशेष निगरानी करेंगे। डीएम ने कई परियोजनाओं के कार्यों में लापरवाही और धीमी गति से हो रहे कार्य को देखते हुए टीमें गठित कर दी हैं। अफसर और इंजीनियर ही निरीक्षण और स्थलीय सत्यापन करेंगे। सभी को रिपोर्ट डीएम को सौंपनी होगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जनपद में निर्माणाधीन परियोजनाओं में सड़कों को छोड़कर अन्य निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए टीम गठित किया है। इसके तहत गुणवत्ता, कार्य में गड़बड़ी व शिथिलता पाए जाने पर यह अधिकारी त्वरित कार्रवाई करेंगे। इस कड़ी में सीडीओ व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजकीय मेडिकल कॉलेज, आईपीडी, कोर्ट परिसर में नए रिकॉर्ड रूम व लाइब्रेरी के निर्माण को देखेंगे। साथ ही परिसर में मल्टी स्टोरी भवन 16 कोर्ट रूम का निर्माण, पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल, मेडिकल कॉलेज में 42 बेड का पीडियाट्रिक केयर यूनिट के निर्माण की भी निगरानी करेंगे। इसी तरह एसडीएम सदर के साथ पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता, डीडीओ के साथ अधिशासी अभियंता जल निगम, डीआरडीए के पीडी के साथ आरईएस के अधिशासी अभियंता को, उपायुक्त मनरेगा के साथ अधिशासी अभियंता नलकूप, डीपीआरओ के साथ अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई, उपायुक्त एनआरएलएम के साथ अधिशासी अभियंता सिंचाई, एसडीएम केराकत के सहायक अभियंता नगर पंचायत केराकत को लगाया गया। इसी तरह एसडीएम बदलापुर के साथ सहायक अभियंता नगर पंचायत बदलापुर, एसडीएम मछलीशहर के साथ सहायक अभियंता नगर पंचायत मछलीशहर, एसडीएम मड़ियाहूं के साथ सहायक अभियंता नगर पंचायत मड़ियाहूं को लगाया गया है।
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वर्जन ...
टीम गठित का उद्देश्य है कि आवंटित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा जनपद में पूर्ण निर्माणाधीन परियोजनाओं का शत प्रतिशत निरीक्षण करते हुए रिपोटर् कलर फोटो ग्राफ के साथ नियमित रूप से उपलब्ध कराएंगे। इसमें इस बात को भी दर्शाना होगा कि कोई काम किन कारणों से शुरू नहीं हुआ। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी।
-रविंद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी।