जौनपुर। जिले में भीषण गर्मी और उसम से जूझ रहे लोगों को उस समय राहत मिली, जब सुबह सात बजे से तेज बारिश शुरू हुई। 4 घंटे बारिश से शहर में जहां जलभराव हो गया वहीं खेत भी लबालब पानी में डूब गए। 30 जुलाई तक जिले में 81.4 मिलीमीटर बारिश हुई। पिछले एक सप्ताह से बारिश न होने के कारण जिला मुख्याल से लेकर ग्रामीणांचलों में लोग भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे थे। आलम यह रहा कि तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार शाम शहरी क्षेत्र के आस-पास चांदपुर व अन्य क्षेत्रों में रिमझिम बारिश होती रही। मंगलवार सुबह सात बजे से करीब 11 बजे तक बारिश होती रही। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के चलते कालीकुत्ती, परमानतपुर, रुहट्टा, पुरानी बाजार आदि क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही। इस दौरान किसी की गाड़ी बंद हुई तो वह पैदल उतरकर पानी में धक्का मारते दिखे। जुलाई में सर्वाधिक बारिश केराकत तो क्रमश: फिर शाहगंज, मड़ियाहूं, बदलापुर, सदर व मछलीशहर में हुई। वहीं जून में जिले में औसत 15.4 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई। इस बाबत राज पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर शंभूराम ने बताया कि मानसून के चलते आगे भी बारिश लगातार बने रहने की संभावना है।
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बबूल का पेड़ गिरने से कई घंटे बंद रहा मार्ग :-
गौराबादशाहपुर। जौनपुर के मनिहांगोविंदपुर गांव के पास बुधवार सुबह हुई बरसात के बाद बारी रोड पर बबूल का पेड़ गिर गया। इससे मुख्य मार्ग तीन घंटे तक बंद रहा। मुख्य मार्ग से बारी सुरैला, उमरी, तारा, भुइली, भदेवरा, काकोरी, देवाकलपुर, पिलखिनी, सरसौड़ा, हसनपुर, पौनी, असवारा, अमरा समेत सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों का आना जाना रहता है।