जौनपुर। पिछले कई दिनों से जिले में बने ऑक्सीजन की किल्लत दूर कराने के लिए प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को एडीएम भू-राजस्व के नेतृत्व में टीम ने वाराणसी पहुंचकर ऑक्सीजन सप्लायर से बात की। मुलाकात के बाद अफसरों ने दावा किया है कि जिले को रोजाना 400 सिलेंडर की आपूर्ति होगी। अब ऑक्सीजन की किल्लत नहीं रहेगी।
जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। रोज सैकड़ों की संख्या में कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं। इस बार संक्रमित होने वाले ज्यादातर लोग सांस की समस्या से जूझ रहे हैं। ऑक्सीजन लेवल गिरने से उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इससे ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग में अचानक से इजाफा हुआ है। खाली सिलेंडर लेकर लोग भटक रहे हैं। निजी अस्पतालों में सिलेंडर के अभाव में मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे। प्रशासन वाराणसी, चंदौली व अन्य जिलों से किसी तरह व्यवस्था में जुटा हुआ है। बढ़ती मांग को देखते हुए शुक्रवार को डीएम ने एडीएम भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी के नेतृत्व में टीम को वाराणसी भेजा। टीम ने वाराणसी में अलग-अलग सप्लायर्स से वार्ता के बाद रोजाना चार सौ ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति होने का दावा किया है।
ऑक्सीजन के बिना निजी अस्पतालों में भी उपचार बाधित
प्रशासन ने जिले के 12 निजी अस्पतालों को कोविड उपचार के लिए अधिग्रहित किया है। इसमें से तीन अस्पताल चालू भी कर दिए गए हैं, लेकिन यहां भी ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही। लिहाजा इन अस्पतालों की भी चिंता बढ़ने लगी है। नए मरीजों की भर्ती लेने से इंकार कर दिया है। अस्पतालों को एक-एक सिलेंडर गिनकर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका भी पूरा हिसाब रखना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी दिक्कतें बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने अपने पास उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडर को कोविड मरीजों के लिए ही आरक्षित किया है।
----
वर्जन...
वाराणसी में स्थित ऑक्सीजन सप्लायर से बात हो गई है। वहां से रोजाना 400 सिलेंडर ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। इतनी आपूर्ति शुरू होने पर अब जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। अन्य विकल्प भी देखे जा रहे हैं। -राजकुमार द्विवेदी, एडीएम भू-राजस्व