जौनपुर। अब परिषदीय विद्यालयों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। बीएसए कार्यालय समेत सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। जहां से प्रतिदिन खंड शिक्षा अधिकारी कम से कम 25 ग्राम प्रधानों और इतने ही शिक्षकों से फोन पर बात करेंगे। प्रधानाध्यापक और शिक्षक स्कूल आए हैं या नहीं, स्कूल में मिशन कायाकल्प से कितना काम हुआ, क्या बाकी है जैसी अन्य जानकारी भी ली जाएगी। इसी कंट्रोल रूम से अध्यापकों को वीडियो काल कर उनकी उपस्थिति भी जांची जाएगी। हर कंट्रोल रूम पर एक रजिस्टर होगा जिसपर सारे विवरण दर्ज किए जाएंगे। किससे और कब किस संबंध में बात की गई इसका सारा लेखाजोखा उस रजिस्टर में दर्ज होगा। विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों से भी विद्यालय का फीडबैक लिया जाएगा।
जनपद में 2416 प्राथमिक और 778 जूनियर हाईस्कूल हैं। इन स्कूलों में 3.98 लाख छात्रों का नामांकन हुआ है और उन छात्रों को पढ़ाने के लिए 9992 शिक्षक हैं। इन विद्यालयों की निगरानी के लिए पहले से ही सभी विकास खंड में एक एक खंड शिक्षा अधिकारी की तैनाती की गई है। कोविड-19 के इस दौर में अभी विद्यालयों में बच्चे नहीं आ रहे हैं लेकिन शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इधर बीच हुई जांच में कई विद्यालय बंद मिले तो संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई भी हुई।
इनसेट
विद्यालय जांच के लिए पहले से नहीं लगेगी भनक
जौनपुर। अभीतक अफसर किसी भी विद्यालय की जांच के लिए संबंधित विद्यालय पर पहुंचते थे। शिक्षकों का नेटवर्क इतना तेज है कि जब अधिकारी जांच के लिए जिस इलाके में निकलते हैं तो उन्हें पहले से ही खबर हो जाती है। आस पास रहने वाले शिक्षक तुरंत विद्यालय पहुंच जाते थे या फिर उनका आकस्मिक अवकास रजिस्टर में दर्ज हो जाता था। अब नई व्यवस्था से किसी भी शिक्षक को इस बात की भनक नहीं लग सकेगी कि अफसर कब किस विद्यालय की ऑनलाइन जांच करेंगे।
वर्जन
परिषदीय विद्यालयों की ऑनलाइन जांच के लिए सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं। बक्शा से इस व्यवस्था का शुभारंभ भी कर दिया गया है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों की निगरानी बीएसए कार्यालय में बने कंट्रोल रूम से की जाएगी।
प्रवीण कुमार तिवारी
बीएसए