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एससी का एक भी परिवार नहीं, फिर भी हो गया आरक्षण

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मुफ्तीगंज के ग्राम पंचायत ककोरी देवाकलपुर में एक भी परिवार न होने के बाद भी अनुसूचित जाति का आरक् - फोटो : JAUNPUR
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केराकत/मुफ्तीगंज। ग्राम पंचायतों के आरक्षण में अनियमितता सामने आने लगी है। मुफ्तीगंज ब्लॉक में एक ऐसे गांव में प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है, जहां उस जाति का एक भी परिवार नहीं है। सूची जारी होने के बाद भड़के ककोरी देवाकलपुर के ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने यह त्रुटि दूर कराने की मांग की।
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ककोरी देवाकलपुर गांव में पिछड़ी और सामान्य जाति की ही आबादी रहती है। इस कारण गांव में अब तक अनुसूचित जाति का आरक्षण नहीं हो पाया था। नियमों में बदलाव के चलते इस बार उन्हीं गांवों को सबसे पहले अनुसूचित जाति में आरक्षित करना था, जो अब तक इससे वंचित रहे। हालांकि इसमें यह शर्त भी थी कि गांव में कम से कम दो परिवार जरूर हों। अफसरों ने वस्तुस्थिति की सही जानकारी लिए बगैर आरक्षण सूची तैयार कर दी है। इसमें गांव में प्रधान पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रदर्शन किया। बीडीओ और डीपीआरओ से मिलकर इसमें सुधार की मांग की। निवर्तमान ग्राम प्रधान ऊषा राजभर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में उर्मिला यादव, सुनीता राजभर, शारदा देवी, संदेई देवी, पलाहू राजभर, मिठाई राजभर, शशिकला देवी, ज्ञानी राजभर, इंदू देवी, करना देवी, लालबहादुर, लालमनी, शोभनाथ, सुरेंद्र, मंता देवी आदि शामिल रहे।
ककोरी देवाकलपुर के कुछ ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की है। हालांकि आरक्षण चार्ट जिला मुख्यालय से जारी हुआ है। यह अंतिम नहीं है। इस पर चार मार्च से आपत्ति ली जाएगी। इसके बाद इसमें संशोधन किया जाएगा।
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लालब्रत यादव, बीडीओ।
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