नवरात्र के अंतिम दिन जिले का कोना-कोना देवी आराधना में लीन रहा। शहर और ग्रामीण इलाकों के देवी मंदिरों में आस्थावान उमड़ पड़े। अष्टमी और नवमी एक साथ होने से पूजा पंडालों में भारी भीड़ उमड़ी।
मंदिरों में हवन-पूजन कर कन्याओं को भोजन कराया गया।ऐतिहासिक शीतला चौकिया धाम में नवमी को दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कतारबद्ध होकर लोगों ने मां का दर्शन किया।
मैहर देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सिटी स्टेशन के समीप स्थित मां दक्षिणा काली मंदिर में पूजन-हवन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पुजारी भगवती सिंह वागीश ने हवन कराया।
चौकिया धाम, मैहर देवी मंदिर, नव दुर्गा शिव मंदिर सहित तमाम मंदिर और पंडालों में हवन पूजन के साथ कन्या पूजन किया गया। सिंगरामऊ बाजार स्थित सिद्धपीठ महाकाली मंदिर सिंघावल में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
सिद्धपीठ महाकाली मंदिर और शीतला मंदिर पर नवरात्र के अंतिम दिन भोर से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित पूजा पंडालों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
शहर के कटघरा मोहल्ले में एमडी किशन डांस ग्रुप ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर माहौल भक्ति मय कर दिया।
ग्रुप के महेश किशन और भीम की टीम ने जय मां काली, दुनिया से दूर जा रहा हूं और अरे द्वार पालों के गाने पर लोगों
को झूमने पर मजबूर कर दिया। बदलापुर कस्बा स्थित मां सिंहवाहिनी दुर्गापूजा समिति की ओर से हवन पूजन किया गया। सुजानगंज में काशी से पधारे विद्वान विनोद तिवारी ने हवन पूजन कराया।
कन्याओं ने प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया। हवन के पश्चात आरती व प्रसाद वितरण तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सिरकोनी के धनेजा गांव में नरईवीर दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में बनारस से आए कलाकारों ने माता की झांकी का भव्य मंचन किया।