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चालीस दिनों बाद कोरोना से कोई मौत नहीं

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जौनपुर। कोरोना से लगातार हो रहे मौत का क्रम बुधवार को थम गया। करीब चालीस दिनों बाद कोई नई मौत नहीं हुई है। नए मरीजों की संख्या भी सौ से कम हो गई है। कुल 6274 सैंपल की जांच में से सिर्फ 99 ही संक्रमित मिले। इसकी तुलना में 240 मरीजों को आइसोलेशन से छुट्टी मिली। जिले में अब कोरोना के एक्टिव केस 1618 रह गए हैं। इसमें 1393 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
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कोरोना की पहली लहर में फरवरी तक 100 मौतें हुई थीं। मार्च में दूसरी लहर का असर तेज हुआ तो नए मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी थी। रोज बड़ी संख्या में नए मरीज मिल रहे थे। दूसरी लहर में पहली मौत नौ अप्रैल को हुई। इसके बाद से मौत का सिलसिला लगातार जारी रहा। चालीस दिनों में ही यह आंकड़ा 100 से बढ़कर 216 तक पहुंच गया। रोजाना 4-5 मरीजों की जान जाने से हर कोई सहमा हुआ था। अस्पतालों के बाहर भी बहुतों की जिंदगी समाप्त हो गई। करीब चालीस दिनों बाद राहत की खबर आई। बुधवार को किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। सीएमओ डॉ. राकेश कुुमार ने बताया कि 6274 सैंपल की जांच में 99 पॉजिटिव मिले हैं। इसमें 5247 सैंपल एंटीजन किट के हैं, जिसमें 12 लोग संक्रमित मिले। ट्रूनट से 13 और शेष 74 की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर में पॉजिटिव आई है। अब जिले के 213 मरीज ही अस्पतालों में हैं। इसमें भी सरकारी अस्पतालों में 73 और प्राइवेट अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। 30 का उपचार अन्य जिलों में चल रहा है।
1116 लोगों को लगा कोरोना का टीका
जौनपुर। जिले में बुधवार को 69 स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 1116 लोगों को कोविड-19 का टीका लगा। इसमें 893 लोगों को टीके की पहली डोज और 221 लोगों को टीके की दूसरी डोज लगी। सीएमओ ने बताया कि अब तक कुल 301517 लोगों को टीके की डोज लग चुकी है। इसमें से 24789 स्वास्थ्यकर्मी, 22038 फ्रंटलाइन वर्कर, 85409 लोग 45 वर्ष से अधिक उम्र के कोमार्विड रोगी और 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। कुल 117961 लोग 45 वर्ष से अधिक उम्र के जिन्होंने टीके की पहली डोज लगवाई और इस आयु के 51320 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है।
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होम आइसोलेशन में अब दोबारा जांच की जरूरत नहीं
जौनपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के नियमों में बदलाव करते हुए संशोधित गाइडलाइंस जारी की है। सीएमओ डॉ राकेश कुमार ने बताया कि गाइड लाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गई है। होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक की ओर से चिकित्सकीय जांच के आधार पर हल्के या बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत को अनिवार्य बताया गया है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। मरीज की देखभाल कर रहे व्यक्ति और करीब लोगों को चिकित्सक के परामर्श के मुताबिक हाइड्रोक्सीक्लोक्वाइन प्रोफाइलैक्सिस लेनी चाहिए। कम प्रतिरक्षा क्षमता वाले यानी एचआईवी, ट्रांसप्लांट कराने वाले और कैंसर से पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन में नहीं रहने की सलाह दी गई है।
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