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ग्राम पंचायत सदस्य के 468 पदों पर कोई उम्मीदवार नहीं

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जौनपुर। पंचायतों के उपचुनाव में सोमवार को नाम वापसी के बाद देर शाम प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य के सभी पदों पर 12 जून को मतदान होगा। ग्राम पंचायत सदस्य के ज्यादातर पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। देर रात तक कई ब्लाकों पर इसकी प्रक्रिया चलती रही।
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उपचुनाव में रविवार को प्रधान के पांच पदों के लिए 26 और बीडीसी सदस्य के पांच पदों के लिए 15 नामांकन पत्र जमा हुए थे। जांच में एक-एक आवेदन रद्द कर दिए गए थे। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए रिक्त 9703 पदों के सापेक्ष 9420 नामांकन पत्र जमा हुए। इसमें 202 को रद्द कर दिया गया था। कुल 468 पद उपचुनाव के बाद भी रिक्त रह जाएंगे। सोमवार को सुबह से ही नाम वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रधान और बीडीसी सदस्य पदों के लिए प्रत्याशी एक-दूसरे से नामांकन वापस लेने के लिए पूरजोर कोशिश में लगे रहे, मगर बात नहीं बनी। अपराह्न तीन बजे तक नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद चुनाव मैदान में बचे शेष उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया गया। सिकरारा के 11 ग्राम पंचायतों के 31 वार्ड सदस्यों के लिए नाम वापसी के बाद मैदान में मौजूद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटन किया गया। एडीओ आईएसबी अरुण पांडेय ने बताया कि कुल 544 रिक्त पदों के लिए 580 आवेदन आए हैं। शाहगंज ब्लाक के सभी पंचायत सदस्य प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। 383 वार्डों के पंचायत सदस्य पद के लिए नाम वापसी के बाद सभी पर निर्विरोध प्रत्याशी चुना जाना सुनिश्चित हो गया है। बक्शा ब्लाक के 15 ग्राम पंचायतों में कुल 53 वार्डों में ग्राम पंचायत सदस्यों का चुनाव होगा। आरओ बृजभूषण पटेल ने बताया कि सोमवार की शाम चस्पा की गई सूची में कुल 53 वार्डों का चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है।
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प्रस्तावक व प्रत्याशी को पता नहीं, भर गया पर्चा
बदलापुर। क्षेत्र के ग्राम पंचायत लखनेपुर के ग्राम पंचायत सदस्य के वार्ड संख्या 6 से देवीदीन पिता जमुना के नाम से किसी अन्य ने सदस्य नामांकन पत्र भर दिया। इसकी जानकारी देवीदीन को हुई तो वह अपने नाम से जमा पर्चा की वापसी के लिए सोमवार को सुबह से लेकर शाम तक गुहार लगाता रहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उनका पर्चा निरस्त नहीं किया गया। यही हाल उनके प्रस्तावक का भी रहा। वह भी प्रस्ताव बन हस्ताक्षर नहीं करने की गुहार लगा रहा था, लेकिन दोनों की एक न सुनी गई। आरओ शशिकेश सिंह ने पूछे जाने पर बताया कि मीटिंग के कारण ब्लाक पर नहीं आ सका हूं।
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