शोर मचाते हुए आई राजबली की बहू विमला देवी (45) की कमर और उसके बेटे गौरव (13) की जांघ में गोली मार दी। आरोपी के तमंचे की गोली खत्म होने पर राजबली के बेटे रवींद्र यादव ने ईंट से मारने की कोशिश की, लेकिन, फिसल कर गिर गया। इस पर आकाश ने तमंचे की मुठिया से उनके सिर पर वारकर घायल कर दिया।
सूचना पर पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल भेजा। वहां डाक्टरों ने राजबली को मृत घोषित कर दिया। शांति, विमला देवी और गौरव को ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीम बनाई गई है।
बंटवारे के बाद राजबली की तरक्की भतीजे का रास नहीं आ रही थी। आरोपी आकाश की मां को भी राजबली के परिवार से खुन्नस है। इसी बात को लेकर वह बराबर अपने बेटे आकाश को उकसाती रहती है। राजबली के दोनों बेटे रवींद्र और अरविंद मुंबई में अपने-अपने परिवार के साथ रहते हैं। जबकि सूर्यबली का परिवार गांव में रहता है।
बेटा आकाश गलत संगत में अपराधी प्रवृत्ति का हो गया, जबकि दूसरा बेटा मुंबई में है। मंगलवार को एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार रामनगर में जांच के लिए पहुंचे तो सामने आया कि सूर्यबली की पत्नी अमृता देवी को राजबली परिवार की तरक्की रास नहीं आती है। हालांकि रवींद्र के परिवार का चाचा सूर्यबली से संबंध ठीक था। पुलिस के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई कि आकाश की मां अमृता ने वारदात की साजिश रची थी।
जांच में यह बात सामने आई है कि आकाश मां अमृता को बहुत मानता है। लेकिन, पिता सूर्यबली की किसी बात पर पिटाई कर चुका है। गौरतलब है कि आकाश ने घरेलू विवाद में सोमवार की रात ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर बड़े पिता राजबली की हत्या कर दी और परिवार के तीन अन्य सदस्यों को घायल कर दिया है।
रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए रवींद्र का परिवार दो दिन पहले ही मुंबई से घर आया है। रवींद्र की बेटी खुशबू ने भी आरोप लगाया कि आकाश की मां ने उसे न जाने क्या बता दिया कि वह सबको गाली देते हुए गोली मारने लगा।
टूट चुकी है आकाश की शादी
आकाश की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। एक बेटी भी हुई थी, लेकिन उसकी हरकतों के कारण पत्नी से भी नहीं बनती थी। जांच में गए एक पुलिस के कर्मी के मुताबिक, उसकी पत्नी भी कुछ साल पहले शादी तोड़कर बेटी को लेकर जा चुकी है।
लड़ चुका है प्रधानी का चुनाव, महाराष्ट्र में काट चुका है जेल
आकाश गांव में रोब जमाना चाहता है। इसके लिए उसने प्रधान भी बनने की कोशिश की थी। उसने साल 2015 में प्रधानी का चुनाव लड़ा था, लेकिन, हार गया था। इसको लेकर भी वह गांव के कई लोगों से नाराज रहता है। आकाश यादव के आपराधिक प्रवृत्ति का होने के कारण गांव में उसका खौफ है। इसका असर दूसरे दिन भी देखने के लिए मिला। गांव के लोग उसको लेकर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं थे। वह महाराष्ट्र में लूट के एक मामले में जेल जा चुका है। आकाश का बचपन वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में ननिहाल में ज्यादा बीता है।
पूरे गांव में आग लगा दूंगा, मार दूंगा जैसी धमकियां वह देता रहता है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र, चंदौली, वाराणसी, मड़ियाहूं में लूट, छिनैती के मामले दर्ज हैं। एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि मड़ियाहूं थाने में एक, वाराणसी और महाराष्ट्र में भी आकाश पर मुकदमा दर्ज है। वह हिस्ट्रीशीटर नहीं है, लेकिन, लूट, छिनैती जैसी घटनाओं में नाम आया है।
आकाश आपराधिक प्रवृत्ति का है। वह कई दिनों बाद सोमवार की रात घर आया था। दो भाइयों में आकाश बड़ा है। पीड़ित पक्ष के लोगों ने बताया कि वह कई दिनों से घर नहीं आया था। वह कहां रहता है, क्या करता है, किसी को नहीं पता। सोमवार की रात आकाश बाइक से घर पहुंचा तो उसके हाथ में बैग था।
उसने अपनी बाइक घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे खड़ी की। रवींद्र के परिवार के लोगों के मुताबिक आकाश की आपराधिक छवि के कारण वे लोग उसके परिवार से दूर ही रहते थे। जब आकाश राजबली से तेज आवाज में बात कर रहा था तो आसपास के लोग यह सब देख रहे थे। लेकिन भय वश किसे ने बीचबचाव नहीं किया।