जौनपुर। बोर्ड परीक्षा के लिए 26 विद्यालयों को मानक पूरा किए बिना ही केंद्र बना दिया गया था। वहां न तो सीसी टीवी कैमरे की व्यवस्था है और न ही पेयजल की। और तो और बैठने के लिए पर्याप्त कमरे भी नहीं। बावजूद वहां सैकड़ों बच्चों को परीक्षा के लिए आवंटित किया गया है। केंद्र आवंटन के बाद विद्यालयों ने वस्तु स्थिति बताई तो आननफानन अब वहां से केंद्र हटाने की तैयारी है। इसमें छह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं। जल्द ही नए केंद्रों की सूची जारी होगी।
सत्र 2020-21 की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 238 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 163461 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें हाईस्कूल के 87995 और इंटर के 75466 छात्र शामिल हैं। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के उपलब्धता की जांच कराए बिना ही कई विद्यालयों को बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बना दिया गया है। जिले के छह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों ने जिला प्रशासन और डीआईओएस को प्रत्यावेदन देकर परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। इन केंद्रों पर न तो छात्रों को पीने के लिए पानी की व्यवस्था है और न ही सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। ज्यादातर केंद्र परीक्षा मानक को पूरा नहीं करते हैं। हालत यह है सुरक्षा को देखते हुए इनकी बाउंड्रीवाल भी नहीं बनाई है। ऐसी स्थिति में छह राजकीय और 20 अन्य परीक्षा केंद्रों को बदलने की तैयारी चल रही है। बोर्ड ने विद्यालयों का स्थलीय जांच कराए बिना ही इन्हें परीक्षा केंद्र बना दिया था। जिला प्रशासन बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने की तैयारी में जुटा है।
परीक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। सीटी टीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। छात्रों को बैठाने के लिए पर्याप्त कमरे भी नहीं है। जिला प्रशासन और डीआईओएस को प्रत्यावेदन देकर परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने के लिए आग्रह किया था। केवल चार कमरे में है। ऐसे में परीक्षा कराने में दिक्कत आएगी। -पूनम सिंह प्रधानाचार्य, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बलदापुर खुर्द।
परीक्षा में छात्रों को बैठाने के लिए न तो सीट और न ही पर्याप्त कमरे हैं। पीने के लिए पानी की भी व्यवस्था नहीं है। निर्माण कार्य कराया गया है लेकिन पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में परीक्षा कराने में असुुविधा होगी। जिला प्रशासन और डीआईओएस को पत्र देकर परीक्षा केंद्र बदलने की मांग की गई थी। तीन कमरे में काम चल रहा है। -नमिता सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तियरा।
अधिकारियों की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। विद्यालय में छात्रों को बैठने के लिए पर्याप्त कक्ष नहीं है। सीसी टीवी कैमरा नहीं लग पाया है। कमरे भी कम हैं। इस लिए परीक्षा केंद्र बनने के मानक का पूरा नहीं हो रहा है। इसलिए केंद्र को बदलने की बात अधिकारी कह रहे थे। -मीता, प्रभारी प्रधानाचार्य, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तरहटी मुंगराबादशाहपुर।