पूरे लाल गांव निवासी युवक की शनिवार की दोपहर प्रयागराज के सरायममरेज थाना क्षेत्र के सोरों गांव में कुछ युवकों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव लेने की कोशिश की तो परिजनों ने विरोध करते हुए तीन घंटे तक चक्काजाम किया।
सीओ ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। पुलिस हत्या की वजह लेनदेन का विवाद और प्रेमसंबंध मान रही है। मृतक के पिता की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के पूरे लाल (नीभापुर) गांव निवासी शुभम तिवारी (25) दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले वह घर आया था। दोस्त का फोन आने पर वह शनिवार की दोपहर 12 बजे अपने साथी नीभापुर गांव निवासी पवन तिवारी (20) को बाइक पर पीछे बैठाकर सोरों गांव पहुंचा।
इसी गांव के युवक ने उसे फोन करके वहां पर बुलाया था। शुभम बुलाए गए स्थान पर पहुंचा तभी वहां खड़े कुछ युवकों ने उसे दबोच लिया और चाकुओं से हमला कर दिया। साथी युवक को भी पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह जान बचाकर शोर मचाते हुए भाग निकला।
युवक की चीख पुकार सुनकर आस-पास के लोग बचाने के लिए दौड़े। लोगों को इकट्ठे होते देख हमलावर वहां से भाग निकले। घटना की सूचना संबंधित पुलिस व परिजनों को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को लेने की कोशिश की लेकिन परिजनों ने शव देने से मना कर दिया।
परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। क्षेत्राधिकारी सुनील सिंह ने हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था शुभम
शुभम तिवारी दो भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था। वह दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। वह अभी कुछ ही दिन पहले घर आया था। मां पुष्पा देवी मौत की खबर मिलते ही बेसुध होकर गिर गई। बहन व बड़े भाई राहुल व पिता त्रिलोकी नाथ तिवारी का रो-रोकर बुरा हाल है।
वारदात की जांच की जा रही है। मृतक की बाइक व मोबाइल फोन मिला है। सर्विलांस से कॉल डिटेल पता कराया जा रहा है। युवक के दोस्त ने उसे फोन कर बुलाया था।मृतक के पिता त्रिलोकी नाथ की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हत्या की वजह लेनदेन का विवाद और प्रेमसंबंध हो सकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रहीं हैं। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- योगेंद्र प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष