पंचायत चुनाव के पहले चरण में ही हत्या, बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था के मुकम्मल इंतजाम की पोल खोल दी। जिले के छह ब्लाकों में 59 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।
केराकत में सबसे अधिक 61.31 फीसदी लोगों ने वोट डाले जबकि जलालपुर में सबसे कम 56.01 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
डोभी ब्लाक के बरडीहा बूथ संख्या 156 पर करीब पौने चार बजे अराजक तत्वों ने पथराव कर लोगों को खदेड़ कर बूथ पर कब्जा कर लिया। सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी भी जान बचाकर भाग खड़े हुए।
वीडीओग्राफी कर रहे युवक भी छिप गए। सूचना पर एसडीएम मय फोर्स मौके पर पहुंचे। जहां सैकड़ों की संख्या में जिला पंचायत और बीडीसी के मतपत्र फटे हुए बिखरे मिले।
इस मामले में पीठासीन अधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने चंदवक थाने में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसके अलावा भी कुछ मतदान केंद्रों पर छिटपुट झड़पें, मारपीट और बूथ कैप्चरिंग का प्रयास हुआ।
कुल मिलाकर प्रशासन का पूरा इंतजाम धरा का धरा रह गया। डीएम एसपी दिन भर केराकत और डोभी, धर्मापुर ब्लाक में घूमते रहे बावजूद चुनाव सम्पन्न होते ही एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक बूथ पर कब्जा कर
लिया गया। पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा एकदम चौकस होने के बाद भी कई जगह मतदान केंद्रों पर उपद्रवियों ने बवाल किया। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में ही इस बात की आशंका जताई थी कि 40 गांवों में बंदूकें गरजने की
आशंका हैं। बावजूद इन्हीं इलाकों में घटनाएं भी हुईं। जबकि ऑब्जर्वर रणवीर प्रसाद, जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी राजू बाबू सिंह लगातार चक्रमण करते रहे। सिरकोनी ब्लाक के स्मैला बूथ पर नौ बजे तक सन्नाटा पसरा था।
यहां नौ बजे तक महज तीन फीसदी वोट पड़े थे। कुद्दूपुर अति संवेदनशील बूथ था लेकिन यहां अप्रशिक्षित युवक को वीडियो कैमरा चलाने के लिए तैनात कर दिया गया था। ड्यूटी पर लगे सिपाही चारपाई पर सो रहे थे। सिरकोनी ब्लाक
के बाकराबाद बूथ संख्या 25 पर मतदाताओं में कुछ ज्यादा ही उत्साह दिखा। यहां 11:30 बजे ही 45.66 फीसदी मतदान हो चुका था। जलालपुर के नहोरा मतदान केंद्र के बूथ संख्या 101 पर खुली मेज पर लोग मतपत्र रख कर मुहर लगा रहे
थे। जबकि मतदान के लिए पर्दा लगाने का निर्देश आयोग का था। केराकत के हुरहुरी गांव में बूथ संख्या 92 और 93 बेहद सकरे कमरे में बनाया गया था।
मनियरा और मुफ्तीगंज के पतौरा में बूथ कैप्चरिंग की सूचना पर प्रशासन हलकान हुआ। कुछ लोगों ने फर्जी मतदान की शिकायत की जिससे थोड़ी देर तक मतदान में व्यवधान हुआ। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर व्यवस्था ठीक करवाई।