इस बारे में जिलाधिकारी ने कहा कि मामला संज्ञान में है। जांच की जा रही है। समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने 18 मार्च को मड़ियाहूं के मईडीह जगन्नाथपुर पहुंचकर मामले की जांच की। इस दौरान कुछ पत्रकार भी पहुंचे। वहां भाई के साथ शादी में बैठने वाली युवती तो मिली लेकिन उसका पति नहीं मिला।
पूछने पर बताया कि वह शादी करके मुंबई चले गए। उसका कोई फोटो कैमरे में नहीं मिला। जबकि भाई के साथ शादी में बैठने का युवती का फोटो मिला। जबकि भाई ने बताया कि वह शौक में दूल्हे का जोड़ा जामा पहनकर दीदी के साथ समारोह में बैठ गया था।
हालांकि कागज में दर्ज जिस युवक से बहन की शादी होनी थी, उस युवक की चाची ने कहा कि भतीजा सामूहिक विवाह के आयोजन से 15 दिन पहले गांव आया था। उसके बाद नहीं दिखा। उसकी शादी 7-8 जून को है। चर्चा है कि 51 हजार रुपये का लाभ लेने के लिए ये सारा फर्जीवाड़ा हुआ है।
3 साल के बच्चे के पिता ने की शादी
एक मामला शहर के अहियापुर का भी प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि एक युगल की चार साल पहले शादी हुई थी। उसका तीन साल का बच्चा भी है। बावजूद इसके योजना का लाभ लेने के लिए वह व्यक्ति फिर से सामूहिक विवाह में बैठ गया था।
बोले अधिकारी
सामूहिक विवाह के दौरान हुए फर्जीवाड़े की जांच चल रही है। जल्द ही रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।- नीरज कुमार पटेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी।