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कोरोना संक्रमण के बीच आंदोलन बढ़ा सकती है परेशानी

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कोरोना संक्रमण के बीच चिकित्सक और लिपिकों का स्थानांतरण विभाग के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। एक ओर कोरोना की तीसरी लहर का डर बना हुआ है तो वहीं स्वास्थ्यकर्मियों के तबादले को लेकर लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। सरकार के स्थानांतरण नीति के खिलाफ चिकित्सक और कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की सहायता के बिना कोरोना की तीसरी लहर पर काबू नहीं पाया जा सकता है। तीन सप्ताह की भीतर तीसरी लहर के शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार ऑक्सीजन से लेकर दवाओं की व्यवस्था करने में जुटी है। इसी बीच शासन ने जिले के एक चिकित्सक और 35 लिपिकों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया है। हालांकि अभी तक गैर जनपद के लिए स्थानांतरित हुए लिपिकों को कार्य मुक्त नहीं किया गया है। वहीं इस आदेश के लिपिकों ने शासन के स्थानांतरण नीति के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। कोरोना संक्रमण के बीच एक साथ इतने कर्मचारियों का स्थानांतरण होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होगी। वार्डो में भर्ती मरीजों के इलाज से लेकर कोविड-संक्रमित मरीजों का इलाज और सरकार की ओर से चलाए जा रहे कोविड टीकाकरण अभियान प्रभावित होगा। जिले में काफी समय से तैनात लिपिकों को व्यवस्था की पूरी जानकारी है। उन्हें किसी भी जगह लगाकर काम लिया जा सकता है। लेकिन स्थानांतरण के बाद व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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दो चरण में कार्यमुक्त किए जाएंगे लिपिक
जौनपुर। सीएमओ डा. जीएसबी लक्ष्मी का कहना है कि शासन स्तर से बड़ी संख्या में स्थानांतरण किया गया है। स्थानांतरित लिपिकों को एक साथ कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। दो शिफ्ट में 50-50 फीसदी लिपिकों का स्थानांतरित किया जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। आधे लिपिकों को 23 जुलाई को और आधे को 29 जुलाई को स्थानांतरित किया जाएगा। इसी बीच बाहर से स्थानांतरित होकर आने वाले लिपिक भी कार्य भार ग्रहण कर लेंगे।
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कर्मचारी 26 को लखनऊ में करेंगे प्रदर्शन
जौनपुर। सरकार के स्थानांतरण नीति के खिलाफ यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रिईयल एसोसिएशन स्थानांतरण नीति के विरोध में 26 जुलाई को लखनऊ में प्रशासन निदेशक का घेराव करेंगे। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुधीर अस्थाना ने बताया कि आंदोलन की रणनीति तय हो चुकी है। 20 प्रतिशत कर्मचारियों को ही एक साथ स्थानांतरित करने का नियम है। लेकिन शासन ने एक साथ 69 प्रतिशत कर्मचारियों का स्थानांतरण एक साथ कर दिया है। जो अनुचित है। कर्मचारी संघ सरकार के स्थानांतरण नीति से काफी खफा हैं।
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