हनुमान घाट पर ललही छठ पर पूजा करती महिलाएं।
ललही छठ का त्योहार मंगलावर को धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने निराजल व्रत रख कर पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। महिलाओं ने ललही छठ माता की पूजा की। ललही छठ पर विभिन्न स्थानों पर भीड़ रही और उत्सव जैसा माहौल रहा। पूजन-अर्चन का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। महिलाओं ने पुत्र के दीर्घायु के लिए दही, महुआ, चावल चढ़ाया।
मंदिर के अलावा घरों में भी विधिवत पूजा-अर्चन का दौर चला। गांव से लेकर शहर तक मंदिरों में पूजा-अर्चन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। सूर्योंदय के बाद से ही पूजा के लिए भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। पूजा के लिए महुआ की मांग रही इस नाते महुआ महंगे दाम पर बिका। सुबह से निराजल व्रत रखकर महिलाओं ने घर के आंगन को गोबर से लीप कर गमले में मिट्टी डाल कर सरई लगाई।
पूजन सामग्री चढ़ाकर ललही छठ की कथा पढ़ी गई। पूजा के बाद महिलाओं ने पानी पिया। घरों और मंदिरों में महिलाओं ने समूह में छठ माता की पूजा की और पुत्रों की कुशलता की कामना की। सुबह से लोग महुआ, तिन्नी का चावल और दही का इंतजाम करने में व्यस्त रहे। पुत्रवती महिलाओं ने अपनी पुत्रों की लंबी आयु के लिए व्रत रखा। पूजा के बाद पुत्रवती महिलाओं ने व्रत का पारण किया। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।