लाइन बाजार थाना क्षेत्र के परियावां गांव में बृहस्पतिवार सुबह मां और चार माह की बेटी का शव क मरे में पाया गया। बेटी का शव बिस्तर पर पड़ा था जबकि मां फंदे से लटक रही थी। कयास लगाया जा रहा है कि मां दुधमुंही बेटी की हत्या करने के बाद खुद फंदे से झूल गई होगी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
परियावां गांव का अब्दुल कादिर अपने पिता शेखावत के साथ मुंबई में रहता है। घर पर 18 वर्षीय भाई, मां, पत्नी फरीदा (30) और तीन बेटियां फिजा (9), सायना (6) और चार माह की अंजुम थीं। बुधवार की रात फरीदा परिवार वालों को खाना खिलाने के बाद अंजुम को लेकर कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। फिजा ने बताया कि वह सुबह उठी तो मां का कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर दादी अलीमुनिशा ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। बाद में पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया। फरीदा की लाश दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक रही थी जबकि अंजुम का शव बिस्तर पर पड़ा था। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। दोपहर में पुलिस ने शव को उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कयास लगाया जा रहा है कि फरीदा ने बेटी को मारने के बाद खुद फांसी लगाकर जान दे दी होगी। उसने यह कदम क्यों उठाया परिवार के लोग नहीं बता पा रहे हैं। घटना की सूचना पर मृतका के मायके पक्ष मछलीशहर के सगरे गांव निवासी महबूब को दी गई। उसके परिवार और संगे संबंधी मौके और थाने पर पहुंचे। थानाध्यक्ष लाइन बाजार रमेश यादव का कहना है कि महिला जिद्दी स्वभाव की थी लेकिन बुधवार को परिवार के किसी सदस्य से उसकी कहासुनी नहीं हुई थी। सभी का बयान दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।