मऊ। शहर में दो हजार से ज्यादा ई-रिक्शों के बेतरतीब संचालन से जाम लग रहा है।। ई-रिक्शा संचालकों के लिए छह रुट नंबर अलॉट किये गए हैंलेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।
बता दें कि शहर के छह रूट बनाए गए है, इसमें पहला बलिया मोड़ से भीटी, गाजीपुर तिराहा कचहरी मोड़, दूसरा बलिया मोड़ से भीटी, अंधा मोड़, बालनिकेतन, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, तीसरा रूट भीटी, मुसरदह, सरवा, रणवीरपुण, चौथा रूट बढुआगोदाम से गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, पांचवा रूट रेलवे स्टेशन से रोडवेज, बालनिकेतन, रौजा, सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा, मतलुपूर और छठवा रूट आजमगढ़ मोड़ से मुंशीपुरा ओवरब्रिज, सलाहाबाद मोेड़, मिर्जाहादीपुरा, मतलुपूर तय है।
भले ही रूट तय हो लेकिन यातायात पुलिस शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए खुद के बनाए रूट प्लान का पालन नहीं करा पा रही है। ई-रिक्शा के मनमाने संचालन से शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। जिससे प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रह रहती है। सबसे अधिक असुविधा नगर के गाजीपुर तिराहा, भीटी चौराहा, आजमगढ़ मोड़, सदर चौक, फातिमा तिराहे पर देखने को मिल रहा है।
जान जोखिम में डाल सड़कों पर ई-रिक्शा दौड़ा रहे नाबालिग
मऊ। जनपद में फर्राटा भरने वाले अधिकांश ई-रिक्शा की कमान किशोर चालकों के हाथ दिखाई दे रही है। बिना लाइसेंस के तेज रफ्तार में ई रिक्शा दौड़ा रहे हैं। जिले में करीब पांच हजार से अधिक ई रिक्शों का पंजीकरण है और शहरभर लगभग दो हजार से अधिक ई- रिक्शा चल रहे हैं। किशोरों के चलाने से कई बार ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं भी चुकी हैं। यातायात नोडल व सीओ सीटी गौरव कुमार ने बताया कि नाबालिग ई-रिक्शा का चला रहे हैं यह नियम विरुद्ध है। अभियान चलाकर ई-रिक्शा मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।