जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे 111392 छात्रों के बैंक खाते में अभी धनराशि नहीं भेजी गई है। जिसके चलते छात्रों को डीबीटी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खाते में पैसा नहीं भेजे जाने से छात्र ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े भी नहीं खरीद पा रहा है। ठंड शुरू हो गई है। लेकिन तमाम बच्चे बिना स्वेटर के ही मजबूरी में स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपने बच्चों को गर्म कपड़े आदि नहीं खरीद पा रहे हैं।
जिले में कुल 2807 परिषदीय विद्यालय है। इन विद्यालयों में 4 लाख 14 हजार 662 छात्र पंजीकृत हैं। शासन से इन छात्रों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये उनके खाते में भेजा जाता है। इन पैसों से छात्र बैग, जूता, मोजा, दो ड्रेस, स्वेटर और सौ रुपये अधिगम सामग्री के लिए होता है। शासन स्तर से यह धनराशि सीधे बच्चों ओर अभिभावकों के खाते में भेजा जाता है। चालू सत्र में अभी तक 303270 छात्रों के खाते में ही धनराशि भेजी गई है। शेष 111392 बच्चे शासन से धन आने का इंतजार कर रहे हैं। विद्यार्थियों के खाते में अब भी डीबीटी की धनराशि नहीं पहुंची है, जबकि शैक्षिक सत्र खत्म होने में केवल तीन महीने का समय बचा है। लेकिन बच्चों के अभिभावकों के खाते में सरकार यूनिफार्म समेत अन्य चीजों के लिए पैसा नहीं भेजा।
26 हजार बच्चों व अभिभावकों के नहीं बना आधार कार्ड
जौनपुर। जिले में करीब 26 हजार 81 ऐसे छात्र और अभिभावक हैं जिनमें से कुछ आधार कार्ड नहीं है तो कुछ का बैंक खाता नंबर ही गलत दिखा रहा है। इसके चलते उनके खाते में धन नहीं पहुंच पा रहा है। अभिभावकों को आधार कार्ड बनवाने के साथ ही बैंक का खाता नंबर भी ठीक कराने के लिए कहा गया है। लेकिन अभी तक ठीक नहीं हो पाया है। 3.92 लाख छात्रों को आधार कार्ड बन गया है।
जिन छात्रों के खाते में डीबीटी की राशि अभी तक किसी कारण से नहीं पहुंच पाई है उसके लिए पहल की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बचे हुए छात्रों की खाते में भी धनराशि जाए जाएगी। जिनका आधार कार्ड नहीं है उसे बनवाने की प्रक्रिया चल रही है।-डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए जौनपुर