जौनपुर। माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) के आह्वान पर शिक्षक और कर्मचारियों ने नौ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन किया। शुक्रवार को बीआरपी इंटर कालेज से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया।
प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि यदि सरकार मांगों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए शीघ्र समाधान नहीं करती है तो अगला प्रदर्शन राजधानी में होगा। पुरानी पेंशन बहाल करने, विभिन्न जनपदों में एनपीएस के मद में हुए घोटाले की जांच करने, शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 को रद्द करते हुए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को बहाल कर बोर्ड के अधिनियम 1982 को यथावत रखने, 7 अगस्त 1993 से 2000 तक के तदर्थ शिक्षकों के विरुद्ध 9 नवंबर 2023 को निर्गत आदेश को वापस लेने, प्रधानाचार्य का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से करने, वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने, सातवें वेतन आयोग की विसंगति दूर करते हुए आठवें वेतन आयोग का गठन शीघ्र करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा शीघ्र लागू करने और सहायक अध्यापक पदनाम को बदलकर सहायक प्रवक्ता किया जाने की मांग की। प्रदेश संगठन मंत्री कमल नयन ने सरकार की नीतियों को जन शिक्षा और शिक्षक कर्मचारी विरोधी बताया। जिला अध्यक्ष राज केसर यादव ने विद्यालयों के निजीकरण का विरोध किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रसेन, जिला संरक्षक डॉ. सुनील कांत तिवारी, जिला मंत्री रामसूरत वर्मा ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी मांगी। इस मौके पर कार्यकारी जिलाध्यक्ष रितेश कुमार, डॉ. नागेंद्र प्रसाद,ओम प्रकाश, हसीना प्रसाद पाल सिद्धार्थ यादव, रामसेवक कनौजिया , कोषाध्यक्ष रामनारायण बिन्द, नागेंद्र यादव आदि मौजूद थे।