क्षेत्र के बेलापार और लखनीपुर गांव के पास शारदा सहायक खंड 36 की माइनर कटने से सैकड़ों एकड़ गेहूं, गन्ना, चना, सरसों, मटर आदि फसल जलमग्न हो गई।
इन गांवों में एक दर्जन से अधिक घर भी पानी से घिर गए हैं। लोगों का घरों से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। किसानों ने भारी मशक्कत के बाद कटी हुई नहर को बांधने में सफलता पाई। अब पानी में डूबी फसल को बचाने के लिए किसान परेशान हैं।
बेलापार गांव में विंदेश्वरी के घर के पास रात में किसी समय माइनर कट गई। सुबह जब लोग सो कर उठे तो खेतों में पानी भर गया था। खेत डूबने के बाद पानी बस्ती की ओर बढ़ रहा था। ठंड के बावजूद भी किसान फसल को बचाने के लिए सुबह ही बर्फ जैसे पानी में कूद पड़े। काफी मशक्कत के बाद ईंट और प्लास्टिक की बोरी में मिट्टी भरकर लोगों ने कटी हुई माइनर को बांधने में सफलता पाई।
उधर खेतों में डूबा पानी आगे के खेतों में न बढ़े इसके लिए भी लोग फावड़ा लेकर मेड़ ऊंची करने में जुट गए। पूरे दिन लोग अपनी फसल बचाने में जुटे रहे। नौपेड़वा से बेलापार और उटरूखुर्द को जोड़ने वाली सड़क भी पानी में डूब गई।
बेलापार निवासी रामसरन, रामदवर, बलिराज, महंथू, राजबली, बब्लू, बरन, रामसुमेर, प्रताप कुमार, पल्टू राम, और उटरूखुर्द गांव निवासी किसान रामलगन सिंह, रामदुला, जगदीश, अनिल सिंह, प्रताप सिंह, अमीचंद्र सिंह समेत पचास से अधिक किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई।
लखनीपुर गांव में भी माइनर के कटने से फसल पानी में डूब गई। खेत तालाब सरीखे नजर आ रहे हैं। यहां भी गांव के किसानों ने कटी हुई माइनर को बांधने में सफलता पा ली। किसानों ने माइनर में पानी कम करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी है।