जौनपुर। प्रवासी श्रमिकों को काम देने के लिए जिले के हर ब्लाक में पांच-पांच मॉडल तालाब व दो-दो पार्क बनाया जाएगा। यह कार्य मनरेगा के तहत कराया जाएगा। मॉडल तालाब व पार्क बनाने के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगा गया है। इसमें चारस्थानों से प्रस्ताव आने के बाद कार्य भी शुरू हो गया है। इन कवायदों के माध्यम से महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली से आए प्रवासी श्रमिकों को गांव में ही रोकने की कोशिश की जा रही है।
लॉक डाउन के बाद जिले में तकरीबन तीन लाख प्रवासी आए हैं। इसमें से दो लाख 75 हजार की ऑनलाइन फीडिंग हो गई है। इन्हें गांव में रोजगार देकर दोबारा पलायन से रोकने के लिए हरसंभव कवायद की जा रही है। मनरेगा को इसका आधार बनाया गया है। मनरेगा के तहत जाबॅकार्ड बनाकर गांव में ही रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 25 हजार श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया जा चुका है। इसके पहले जिले में दो लाख 20 हजार मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं। इन सभी को मनरेगा की धनराशि से काम कराकर गांव में ही रोजगार दिया जा रहा है। इसी क्रम में हर ब्लाकों में पांच-पांच मॉडल तालाब और दो- दो पार्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव भी मांगा गया है, लेकिन अभी तक मात्र चार स्थानों खुटहन ब्लाक के मलुपपुर व शेरपुर, शाहगंज के मखमेलपुर और मुंगराबादशाहपुर ब्लाक परिसर में मॉडल तालाब बनाने का प्रस्ताव आया है, जहां उक्त तालाब बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष स्थानों से प्रस्ताव आने पर मांडल तालाब व पार्क बनाने का कार्य किया जाएगा।
यह होगी सुविधा
जौनपुर। मॉडल तालाब में रैंप, सीढ़ी, इनलेट व आउट लेट, बेंच , प्रकाश और एलवन घास लगा रहेगा, जबकि पार्कों में बेंच, प्रकाश, एलवन घास, ट्रैक, शौचालय, ओपेन जीम, योगास्थल आदि की सुविधा मौजूद होगी।
प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना तैयार कराए जा रहे हैं। मॉडल तालाब और पार्क भी इसी का हिस्सा है। इससे जहां मजदूरों को काम मिलेगा, वहीं जल और पर्यावरण संरक्षण की मंशा भी सफल होगी। जैसे-जैसे प्रस्ताव आ रहे हैं, काम शुरू कराया जा रहा है। अभी चार मॉडल तालाब पर काम शुरू किया गया है। -भूपेंद्र कुमार सिंह, मनरेगा उपायुक्त।