मोहम्मद हसन पीजी कालेज के सामने सड़क पर मजार।
जिले में हाईवे से लेकर गांव के मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण कर बनाए गए धार्मिक स्थल से आवागमन में दिक्कत हो रही है। ऐसे स्थल हादसे का कारण भी बन रहे हैं। लाख प्रयासों के बावजूद भी इसे हटाने का साहस प्रशासन नहीं जुटा पाता।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद की किरण जगी है। इनके हटाए जाने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि हादसों में कमी भी आएगी। हाईकोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा है कि सड़कों पर जो भी धार्मिक स्थल आवागमन में अवरोध पैदा कर रहे हैं उन्हें तत्काल हटा दिया जाए।
कोर्ट ने कहा है कि पहली जनवरी 2011 या उसके बाद के अतिक्रमण करके बनाए गए सभी धार्मिक स्थलों को हटा दिया जाए। कोर्ट ने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि 10 जून 2016 के बाद अगर इस तरह का कोई धार्मिक स्थल बनाकर अतिक्रमण किया गया तो इसके लिए सीधे तौर पर वह जिम्मेदार होंगे।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि सड़कों से ऐसे अतिक्रमण हट जाएंगे। केराकत के नरहर हास्मीनगर स्थित एक मंदिर सड़क पर है। इसी इलाके के लोतीपुर में मरी माई का मंदिर केराकत से खुज्झी जाने वाली सड़क पर सटी है। दोनों मंदिर बीच सड़क पर ही है।
शहर में मोहम्मद हसन कालेज के सामने सड़क पर ही मजार बना दी गई है। शाहगंज पड़ाव पर मजार, शकरमंडी में हनुमान जी का मंदिर, लाइन बाजार वाजिदपुर रोड पर हाईवे पर मंदिर, नईगंज तिराहे के पास मंदिर, कटघरा में सड़क किनारे मजार, मुफ्तीगंज में मंदिर सहित तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर धार्मिक स्थल बनाकर सड़कों का अतिक्रमण किया गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।