रकम भेजने के बाद जब उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला और आगे भी पैसे की मांग की गई तो उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई। पीड़िता ने लाइन बाजार थाने में भी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संपर्क किया था।
पीड़िता के अनुसार, थाने में शिकायत के बावजूद उस समय प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ को प्रार्थनापत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रार्थनापत्र पर अधिकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों के निर्देश के बाद लाइन बाजार पुलिस ने पांच सितंबर 2026 को मामले में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस अब साइबर ठगी से जुड़े मोबाइल नंबर, बैंक खातों और लेनदेन समेत अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।