जौनपुर। गोमती नदी के दक्षिण तरफ स्थित शहर के इलाकों में अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या का जल्द ही समाधान होगा। बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए वाजिदपुर के पास नया उपकेंद्र तैयार हो रहा है। यहां दस एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति दी जाएगी। वन विहार रोड, वाजिदपुर तिराहा, पॉलीटेक्निक, ओलंदगंज, रुहट्टा, परमानतपुर सहित अन्य इलाकों में ओवरलोड की समस्या का समाधान होगा।
शहर में कुल 46 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने के लिए चार बिजली उपकेंद्र बनाए गए हैं। इसमें सिपाह व अहियापुर उपकेंद्र गोमती नदी के उत्तर तरफ स्थित हैं, जबकि हुसैनाबाद व नईगंज उपकेंद्र से दक्षिणी क्षेत्र में आपूर्ति होती है। दक्षिणी क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी के कारण ओवरलोड की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। लोकल फाल्ट के कारण आए दिन अघोषित कट लगते हैं तो लो वोल्टेज से भी क्षेत्रवासी जूझ रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग ने प्राथमिकता के तौर पर पहले गोमती नदी के दक्षिणी शहर के इलाकों से इस समस्या को समाप्त करने के लिए कदम उठाया है। इसके लिए पांच करोड़ 18 लाख रुपया से 10 एमवीए क्षमता का बिजली उपकेंद्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। टीडी कॉलेज के साइंस फैकल्टी और तालाब के बीच खाली भूमि पर इसका निर्माण भी शुरू हो गया है। इसका निर्माण जून तक पूरा होना है। इसके बाद बिजली की सुविधा बेहतर हो जाएगी।
शहर में ओवरलोड के कारण लोगों को बिजली सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही थी, जिसको गंभीरता से लेते हुए पहले गोमती नदी के दक्षिण ओर के शहर के इलाकों से इस समस्या को समाप्त करने का कार्य किया जा रहा है, इसके लिए टीडी डिग्री कालेज के साईं फैकल्टी और तालाब के बीच 10 केवीएम का बिजली उपकेंद्र बनवाया जा रहा है। करीब 10 फीसदी काम भी हो चुका है। -नजम अहमद, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड तृतीय