बदलते मौसम ने ट्रेनों की गति धीमी कर दी है। कोहरे व धुंध में दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनें पूरी क्षमता से नहीं दौड़ रही हैं। इसके चलते लंबी दूरी की अधिकतर ट्रेनें एक से चार घंटे तक लेट हो रही हैं। मंगलवार को भी अधिकतर ट्रेनें विलंब से पहुंचीं। ट्रेनों के समय पर नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जौनपुर जंक्शन पर प्रतिदिन 34 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है। रोज करीब चार से पांच हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ठंड व कोहरे के प्रकोप का असर अब धीरे-धीरे ट्रेनों पर भी पड़ने लगा है। वैसे तो ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगी है, लेकिन घने कोहरे को यह पूरी क्षमता से भेद नहीं पाती है। ऐसे में ट्रेनों को कम रफ्तार से चलाना पड़ता है। इसी कारण कोहरे में ट्रेनें लेट आ रही हैं। इसके चलते जहां ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अधिक समय तक स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं यात्री अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को दून एक्सप्रेस साढे चार घंटे देरी से आई, पनवेल से छपरा जाने वाली स्पेशल ट्रेन 12 घंटे देर से पहुंची। किसान एक्सप्रेस दो घंटा, इंटरसिटी आधा घंटा, एलटीटी मऊ एक्सप्रेस चार घंटे, साबरमती एक्सप्रेस आधे घंटे देरी से पहुंची। ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ केंद्र पर भीड़ लग रही है। इस संबंध में जौनपुर जंक्शन के टीआई नवीन राय ने बताया कि कोहरे व धुंध में दृश्यता कम होने की वजह से लंबी दूरी की ट्रेनें लेट हो जा रही है।