टॉर्च की रोशनी से शशि ने आरोपी लालचंद यादव निवासी खानपुर को पहचान लिया, जबकि दूसरा व्यक्ति सफेद रंग और तीसरा काले रंग के कपड़े पहने था। शशि के शोर मचाने पर कई महिलाएं पहुंच गई। अंकिता को खुटहन अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
उस दौरान अंकिता गर्भवती थी। अंकिता गांव के पूर्व प्रधान रामआसरे यादव की पुत्री थी और उसने 15 मई 2017 को अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह किया था। इससे रामआसरे नाराज था। आरोप लगाया गया था कि रामआसरे ने साजिश रच कर लालचंद और दो अन्य से अंकिता की हत्या कराई है।
पुलिस विवेचना में दो अन्य आरोपियों प्रमोद कुमार और कन्हैयालाल का नाम सामने आया। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। कोर्ट ने चारों आरोपियों को हत्या, हत्या षड्यंत्र व गर्भपात का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।