रविवार को बक्शा, खुटहन, मछलीशहर, केराकत, नेवढ़िया, चंदवक और धर्मापुर में हुई घटनाओं में 86 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा भी कई बोझ गेहूं खेतों में जल गए।
बक्शा क्षेत्र के मई गांव में आग लगने से 21 किसानों की 50 बीघे की फसल जल गई। अरहर के पेड़ से पीट कर लोगों ने आग पर काबू पाया। आग इंटर कालेज के पूरब प्रमोद मिश्र के खेत में लगी थी और वहां से फैलती गई। प्रमोद मिश्र, रामहित विश्वकर्मा, राम आसरे विश्वकर्मा, बद्री विश्वकर्मा, ओमप्रकाश मिश्र, गरुण यादव, बंगबहादुर यादव, शांताराम यादव, विजय नाथ यादव, संजय यादव, राजेंद्र प्रसाद यादव, सत्यम यादव, शशिकांत यादव, गोरखनाथ पाठक, नवीन पाठक, रामशीला पाठक, कमला पाठक, संतोष पाठक, रमाकांत पाठक, उमाशंकर विश्वकर्मा, कृष्णा यादव की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। उधर महिमापुरडीह गाँव में लालजी मौर्य की छह बीघे की फसल जलकर राख हो गई।
मछलीशहर के कटाहित खास में रामदवर मौर्य का 20 बोझ गेंहू जल गया। कस्बे में सुशीला पैलेस के पीछे डॉ. मानिक चंद्र के अहाते में बटाईदार मूलचंद्र गौतम के खलिहान में 15 बिस्वा गेहूं राख हो गया। केराकत के पटखौली गांव में रविवार को शार्ट सर्किट से वीरेंद्र कुमार मिश्र का 10 बिस्वा गेहूं और नेवढिय़ा के तरती गांव में ललित गौड़, श्रीनाथ, जगदीश गौतम, शिव पूजन मिश्र, हरिश्याम गौतम, बाबा गौतम आदि का लगभग आठ बीघा गेंहू का फसल राख हो गई। चंदवक क्षेत्र के खुज्झी गांव में शार्टसर्किट से हरिहर यादव का दो एकड़, दीना नाथ वर्मा व शिवदास पाल का गेंहू जलकर राख हो गया।