मछलीशहर। तहसील के रामनगर ग्राम पंचायत के अकोढ़ा गांव में वर्ष 1992 में ग्रामसभा की उपलब्ध भूमि से अधिक रकबे का पट्टा किए जाने का मामला सामने आया है। गांव में ग्रामसभा की 2.848 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध होने के बावजूद उस समय 2.945 हेक्टेयर भूमि के आवंटन का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। यानी 0.097 हेक्टेयर ज्यादा जमीन पट्टा करने का आरोप है। लंबे समय से ग्रामीण इस आवंटन में अनियमितता की शिकायत कर रहे थे। अब मामला सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) अजय कुमार अंबष्ट ने 38 पट्टाधारकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस तहसील के नजारत कार्यालय पहुंचने के बाद गांव में खलबली मची है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 1992 में हुए भूमि आवंटन में सिर्फ उपलब्ध भूमि से अधिक रकबा प्रस्तावित करने की ही गड़बड़ी नहीं हुई, बल्कि कई पट्टों में प्रस्तावित रकबे से अधिक भूमि आवंटित की गई। कुछ मामलों में भूमि की प्रकृति बदलकर आवंटन करने और पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतों के आधार पर अब संबंधित पट्टाधारकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।
यह है खामियां जिसकी हो रही जांच
केस 1. रामनगर ग्राम पंचायत अंतर्गत अकोढ़ा ग्राम में 1992 हुए भूमि आवंटन में जिन महिला पट्टा धारको को विधवा बताकर भूमि का पट्टा दिया गया था। उनमें से एक का पति दिल्ली बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त होने के बाद अभी भी पेंशन ले रहा है। जबकि उसी का बेटा केवाईसी करवाकर प्रतिमाह कोटे की दुकान से राशन उठा रहा है। दोनों अभी जिंदा है। हालांकि 1992 में विधवा घोषित महिला का चार वर्ष पहले देहांत हो गया है। अब आवंटित भूमि परिवार के नाम दर्ज हो गई है।
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केस 2. इसी तरह गांव के ही एक व्यक्ति को प्रस्ताव 0.025 हेक्टेयर का हुआ, लेकिन आवंटन 0.050 हेक्टेयर हो गया। इसी प्रकार एक और व्यक्ति को भी 0.025 का प्रस्ताव हुआ था और 0.80 हेक्टेयर आवंटित कर दिया गया।
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केस 3. गांव की महिला के मामले में भीटा खाते में दर्ज भूमि को बंजर और नवीन परती दिखाकर आवंटित किए जाने की शिकायत की गई है। इस संबंध में आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत करने के साथ ही पंजीकृत डाक से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई थी। जिसके बाद सीआरओ न्यायालय की ओर से 38 पट्टाधारकों को नोटिस जारी किया गया है।
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मामला काफी पुराना है। आवंटन निरस्त करने का अधिकार सीआरओ को होता है। सीआरओ न्यायालय की ओर से आवंटियों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। राजस्व कर्मियों की गलती से यदि भूमि का गलत आवंटन हुआ है तो उसे निरस्त किया जाएगा। - सुरेंद्र वर्मा, तहसीलदार