राशन और केरोसिन वितरण में गड़बड़ी के आरोपी कोटेदार के खिलाफ जांच के बाद भी कार्रवाई न करने से नाराज हसिया गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
भाकियू के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव के नेतृत्व में बरसठी ब्लाक के हसिया गांव के दर्जनों कार्डधारक कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए गांव के कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कहा कि गत 21 अप्रैल को तहसील दिवस पर कोटेदार के खिलाफ राशन और तेल वितरण में अनियमितता की शिकायत की गई थी।
एसडीएम के निर्देश पर 21 और 28 अप्रैल को कार्डधारकों के समक्ष आरोपों की जांच की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कोटेदार ने एपीएल कार्ड पर गेहूं का वितरण कभी नहीं किया।
जबकि एपीएल कार्ड पर प्रति माह 24 कुंतल से ज्यादा गेहूं वितरण करने के लिए मिलता है। कहा कि कोटेदार ने फरवरी 2015 में राशन, चीनी और तेल का वितरण नहीं किया।
कोटेदार केवल होली और खिचड़ी पर ही चीनी का वितरण करता है, वह भी कुछ लोगों को। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मिट्टी के तेल मानक रेट 15 रुपये 85 पैसे है, जबकि कोटेदार 19 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कार्डधारकों को देता
है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ये आरोप जांच में सही पाए गए, लेकिन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से राधेश्याम, कमला देवी, शोभा देवी, सोमारी, हीरावती, सुमित्रा, तुलसी, लाल देवी, कलुआ, पीर मोहम्मद, नन्हकी, लल्लू, कमला आदि शामिल रहे।