फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: कमलापति त्रिपाठी का पूरा जीवन देश के लिए था समर्पित

विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी की जयंती पर शहर कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में याद करते का
विज्ञापन
जौनपुर। स्व. कमलापति त्रिपाठी व्यक्ति नहीं बल्कि सार्वभौमिक विचारधारा थे, जिनके कार्य और दिए गए मंत्र भारत के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उनका पूरा जीवन देश के लिए समर्पित था। यह कहना है कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह का।
विज्ञापन

वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी की जयंती पर शहर कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि वे एक महान गांधीवादी नेता थे, जिन्होंने बचपन से ही देश की आजादी के जंग में स्वयं को समर्पित कर दिया, स्वाधीनता की लड़ाई में कमलापति त्रिपाठी ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा जैसे आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए एवं कई बार जेल भी गए। डाॅ. प्रमोद सिंह ने कहा कि स्व.कमलापति त्रिपाठी संविधान निर्मात्री सभा में सदस्य के साथ ही केंद्र सरकार में विभिन्न विभागों में मंत्री रहे, वे यूपी सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के विकास में अपना विशिष्ट योगदान दिए हैं।
विज्ञापन

प्रमोद सिंह ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी साहित्यकार और आज और संसार अखबार के संपादक भी थे। बतौर रेल मंत्री के रूप में उन्होंने बनारस सहित देश पूरे देश में रेलवे में अभूतपूर्व कार्य किया, उनके समय में पुणे का डीजल रेल कारखाना आज भी कमलापति त्रिपाठी के गौरवमयी इतिहास को दोहरा रहा है।
इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विनय तिवारी, अरुण शुक्ला, इरशाद खान, वरुणाशंकर चतुर्वेदी, इकबाल हुसैन, इंडियन ओवरसीज जिला चेयरमैन अनिल सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ.दिवाकर मौर्य, मुहम्मद ताहिर आदि मौजूद रहे।
वह जौनपुर सदर से विधायक भी रहे
शहर कांग्रेस के अध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि कमलापति त्रिपाठी का बड़ा राजनैतिक संबंध जौनपुर जिले से रहा। वे 1969 में जौनपुर सदर सीट से जनसंघ के प्रत्याशी को भारी वोटों से हराए थे। कमलापति त्रिपाठी जब जौनपुर से विधायक चुने गए तब उन्होंने गोमती नदी पर पुल का निर्माण करके जौनपुर को पूरे उत्तर प्रदेश में एक नई पहचान दी। कमलापति त्रिपाठी जैसी महान विभूतियां बार-बार धरती पर जन्म नहीं लेती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें