सोमवार को मांगलिक कार्यक्रमों की भीड़ के कारण वाराणसी-लखनऊ मार्ग पर लगा जाम।
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जौनपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को शादियों की भरमार रही। शहर का कोई भी लॉन या मैरेज हाल नहीं था, जहां वैवाहिक समारोह का आयोजन न रहा हो। इसके चलते शहर में रविवार के अवकाश के बावजूद शहर में जाम लगा रहा। जौनपुर-रायबरेली और वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर दस किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हाईवे पर दोपहर से देर शाम तक जाम लगा रहा। जाम के चलते बरातें भी देर से पहुंचीं।
वाहनों के भारी दबाव के चलते वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कलीचाबाद स्थित पुलिया पर दोपहर करीब 12 बजे जाम लग गया। कुछ ही देर में मुरादगंज, नईगंज, पालीटेक्निक, वाजिदपुर तिराहा, जेसीज चौराहे और सिपाह तक जाम हो गया। जौनपुर-रायबरेली मार्ग पर भी सीहीपुर क्रासिंग के दोनों छोर से लेकर आगे पकड़ी चौराहे तक जाम लगा रहा। जाम से बचने के लिए बदलापुर की तरफ जाने वाले लोग कलीचाबाद गांव के रास्ते निकलना शुरू किए तो गांव में सिंगल रोड जाम हो गई। यहां शहर की तरफ आने वाली रोडवेज बसों में सवार यात्री घंटों इंतजार के बाद चार से पांच किलोमीटर पहले ही जाम में फंसी बस को छोड़कर पैदल ही शहर के लिए चल दिए। जाम का यह असर शाम पांच बजे के बाद तक रहा। शहर के अंदर यातायात पुलिस ने गुरु पूर्णिमा और देव दीपावली पर आने वाली भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्जन किया था, जिससे कुछ हद तक स्थिति संभली रही। लेकिन शहर के बाहर हाईवे पर भीषण जाम से लोग परेशान हुए।
सरकार की गाइडलाइन का नहीं दिखा असर
जौनपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने भले ही शादियों में 100 से अधिक मेहमानों के जुटने पर रोक लगाई हो लेकिन इस गाइडलाइन का कोई असर समारोहों में नहीं दिखा। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी आयोजित शादी समारोहों में निर्धारित संख्या के दो गुना से ज्यादा लोग शामिल हुए। इतना ही नहीं मास्क और सैनिटाइजर इस्तेमाल करते ही बहुत लोग न दिखे। शादी समारोहों में शामिल लोगों ने शारीरिक दूरी के मानक को भी नजर अंदाज किया। बरातियों ने डीजे पर जमकर डांस किया और आतिशबाजी भी हुई।