जिस पर बैठे आशिकेे रसूल नारे तकबीर की सदाएं बुलंद करते चल रहे थे। जुलूस में शामिल दूर दराज से आए अखाड़ों के कलाकारों ने जहां हैरतअंगेज करतब दिखाए, वहीं अंजुमनों ने नबी की शान में नातों का नजराना पेश किया।
जश्न का यह सिलसिला सारी रात चलता रहा। दक्षिण पट्टी रन्नों गांव स्थित ईदगाह परिसर और आसपास के इलाकों में भव्य सजावट की गई थी।
दोपहर 12 बजे करतिहां गांव से पूर्व प्रधान कासिद के नेतृत्व में उठा जुलूस तीन किलोमीटर दूर नौपेड़वा स्थित गोरी शहीद मजार पर पहुंचा, जहां दर्जनों गांवों की अंजुमन और अखाड़े मौजूद थे।
यहां से अखाड़ा रज्जब उस्ताद मखदूम शाह अढ़न, अखाड़ा राजाबाजार, अंजुमन रशीदिया रशीदाबाद, बेलापार, उत्तरपट्टी, दक्षिणपट्टी, बैर्रैपट्टी, सदरुद्दीनपुर, मोहम्मदपुर, पूराशेरखां आदि के साथ साथ जुलूस पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दक्षिणपट्टी रन्नों गांव के लिए निकला।
बीच-बीच में अखाड़े के कलाकार कला का प्रदर्शन कर रह थे। ते चल रहे थे। विभिन्न संगठनों की ओर से अंजुमनों और अखाड़ों के को पुरस्कार दिया गया।
ईदगाह परिसर में हुई तकरीर में मौलाना इनायतुल्लाह ने हजरत मोहम्मद सल्ल. की सीरत बयान की। इस दौरान पूर्व प्रधान मो. इस्लाम, औरंगजेब, रियाज अहमद, लाल मोहम्मद, शम्शी कुरैशी, मो. नसीम कुरैशी, अलमदार, मो. सलीम, शमशाद समेत कमेटी के लोग मौजूद रहे।