जिला अस्पताल में मरीज बनकर खड़े ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल दो हफ्ते में चौथी बार मंगलवार को पहुंचे। बड़ी बात तो यह कि तीन बार किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगी। हालांकि इस बार वह अपने अर्दली, ड्राइवर के साथ मरीज बनकर गए थे लेकिन उनकी जांच में जिला अस्पताल की खामियां आखिरकार उभरकर आ ही गई। दरअसल, उनके साथ जहां अस्पताल के एक स्टाफ ने जहां से ठीक से व्यवहार नहीं किया। वहीं, उनके अर्दली को बाहर से दवा खरीदने के लिए लिख दी गई।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने खुद को टाइफाइड से ग्रसित होने की दवा लेने पहुंचे थे। जबकि अपने अर्दली श्यामवीर के आंख में दिक्कत और ड्राइबर राजीव को हड्डी संबंधित दिक्कत होने का पर्चा बना लिए। इसके बाद सभी कतार में खड़े हो गए। जिन्हें कोई पहचान भी नहीं पा रहा था। क्योंकि, उन्होंने अपने गले में गमछा और मुंह को मास्क से ढककर पर्ची कटाई थी। इसके बाद वो डॉक्टर के पास पहुंच गए। उनके मरीज बनकर निरीक्षण करने की खबर किसी भी चिकित्सक को नहीं लगी। इस दौरान उन्होंने हेल्प डेस्क, ओपीडी और कई वार्ड का जायजा लिया। चिकित्सक ने उन्हें एक ही दवा के लिए दो पर्ची दी, जिसमें एक ही दवाएं लिखी गई थी। इस पर वे छोटी पर्ची को अपने पास रख लिए और मुख्य पर्ची को लेकर दवा लेने पहुंचे। जहां छोटी पर्ची न होने पर उनके साथ व्यवहार ठीक नहीं किया गया। इसपर वे चुपचाप सामान्य मरीज की तरह दवा लेकर वापस लौटे। वहीं, आंख दिखाने के लिए इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के अर्दली को डाक्टर ने बाहर से दवा लिख दी। इस संबंध में पूछे जाने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि कुछ व्यवस्था में खामियां भी मिली हैं। इस बाबत एक गोपनीय रिपोर्ट बनाई जा रही है। लगभग एक घंटे तक उन्होंने निरीक्षण किया। निरीक्षण में जो भी चीजें सामने आई हैं वो डीएम को रिपोर्ट में प्रेषित की गईं हैं।