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जिलापंचायत की बैठक में हंगामा

Wed, 04 Feb 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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जिला पंचायत की बैठक बुधवार को भारी शोरशराबे और हंगामे के बीच संपन्न हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष शारदा दिनेश चौधरी के कार्यशैली से नाराज एक जिला पंचायत सदस्य एजेंडे की फाइल फाड़कर कार्यवाही को बीच में ही छोड़ सदन से बाहर निकल गए,
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तो दूसरे जिला पंचायत सदस्य ने अध्यक्ष पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए डीएम को इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि उनका इस्तीफा अभी मंजूर नहीं किया गया है। जिला पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) पर उन्हें गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष शारदा दिनेश चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक की कार्यवाही शुरू हुई तो जिला पंचायत सदस्य मक्खन यादव ने एजेंडे में शामिल ग्रामीण क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए मास्टर प्लान लागू करने के प्रस्ताव का विरोध करना शुरू कर दिया।
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उन्होंने दलील दी कि अगर ऐसा हुआ तो गांवों के गरीबों को निर्माण के नाम पर एक ईंट भी रखने के लिए पंचायत से नक्शा पास कराना होगा। इससे फायदा कुछ नहीं होगा पर गरीब जनता के शोषण का एक और रास्ता खुल जाएगा।

 मक्खन यादव दलील दे ही रहे थे, तभी बक्शा के जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव, बदलापुर के धर्मेंद्र यादव, सिकरारा के राहुल यादव, खुटहन की संगीता यादव समेत अन्य सदस्य भी इस प्रस्ताव के विरोध में खड़े हो गए। 

 सदस्यों ने अध्यक्ष और एएमए पर उन्हें गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि पिछली बैठक में सदस्यों ने जब हैंडपंप के लिए प्रस्ताव की   मांग की थी तो सदन को बताया  गया था कि प्रस्ताव शासन को भेज  दिया गया है।

अब पता चल रहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव शासन को भेजा ही नहीं गया। इस बात पर भी सदन में खूब हो हल्ला मचा।

वार्ड संख्या 64 धर्मापुर के जिला पंचायत सदस्य अनिल सिंह तो एजेंडे की फाइल फाड़कर कार्यवाही को बीच में ही छोड़कर पंचायत सभागार से बाहर निकल लिए।

उनका कहना था कि राज्य वित्त के बजट से हैंडपंप लगवाने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य वित्त का सारा पैसा सड़क निर्माण पर खर्च कर दिया जाता है। सड़कें कहां बनवाई जाती हैं, इसका कुछ पता ही नहीं चलता।

वार्ड 34 मुंगराबादशाहपुर के सदस्य विनोद चौहान ने तो नाराज होकर डीएम को अपना इस्तीफा ही सौंप दिया। डीएम को दिए गए त्यागपत्र में उन्होंने कहा है कि उनके कार्यकाल का पांच साल का समय बीतने जा रहा है,

लेकिन उनके क्षेत्र में सर्फ तीन सौ मीटर खड़ंजा निर्माण के अलावा कोई और काम नहीं    किया गया। हमेशा आश्वासन ही मिलता है, जबकि दूसरे सदस्यों के क्षेत्र में 50 लाख से अधिक के कार्य कराए गए हैं।
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