एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक को अपनी फरियाद सुनाती वृद्धा दुलारी देवी। संवाद
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जौनपुर। भूख प्यास से बेहाल 80 वर्षीय वृद्धा ने बृहस्पतिवार दोपहर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपना दुखड़ा सुनाया तो एसडीएम और उनके चैंबर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। वृद्धा ने बताया कि उसके बेटे और बहू ने उसे घर से निकाल दिया है। वह चार दिनों से दर दर भटक रही है। एसडीएम ने केराकत पुलिस को निर्देश दिया कि वह मौके पर जाकर महिला की समस्या का समाधान कराएं। पुलिस मौके पर जरूर पहुंची लेकिन यह जिम्मेदारी ग्राम प्रधान पर थोपकर लौट गई।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के सिझवारा निवासी रामसुख यादव और दुलारी देवी को दो बेटे राजेश और दिनेश हैं। दोनों भाइयों के बीच बंटवारे को लेकर विवाद हुआ तो दस दिन पहले पंचायत ने जमीन बंटवारे के साथ साथ माता पिता का भी बंटवारा कर दिया। पंचायत ने तय किया कि पिता रामसुख की देखभाल के लिए छोटे बेटे दिनेश को जिम्मेदारी दी गई जबकि मां दुलारी देवी की देखभाल और भरण पोषण की जिम्मेदारी बड़े पुत्र राजेश को दी गई। वृद्धा का आरोप है कि राजेश ने आठ दिनों तक उसकी ठीक से देखभाल की। इसी बीच राजेश ने अपने हिस्से की जमीन की मिट्टी एक ईंट भट्टा मालिक को बेंच दी। दुलारी देवी का कहना है कि इसके बाद राजेश ने उन्हें घर से निकाल दिया। गांव में इधर उधर भटक रही बुजुर्ग महिला पर किसी ने तरस खाई तो उसे लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। महिला ने अपना दुखड़ा एसडीएम को सुनाया। एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक ने कोतवाली प्रभारी को निर्देश दिया कि वह मौके पर जाकर महिला को उसके घर में रहने का हक दिलाएं। कोतवाली प्रभारी वीआईपी ड्यूटी में थे तो मौके पर एक उप निरीक्षक को भेज दिया। उप निरीक्षक मौके पर पहुंचे तो ग्राम प्रधान से मिलकर उन्हें महिला को खाने पीने का इंतजाम करने को कहकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लौट गए। महिला बृहस्पतिवार शाम तक गांव में ही भटक रही थी। एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक का कहना है कि शुक्रवार को वह खुद गांव में जाकर महिला को उसका हक दिलाएंगे।