जौनपुर जिले के तरियारी गांव में धर्म परिवर्तन के मामले में हिरासत में लिए गए लोगों से पुलिस ने रविवार देर रात तक पूछताछ की। इसके बाद सभी महिला-पुरुषों को छोड़ दिया और चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चालान कर दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों से बीमारी ठीक होने की बात कहकर उनका ब्रेन वॉश करते थे। इसके लिए उन्हें बीमारी की धमकी और लालच दी जाती थी।
क्या है मामला
तरियारी गांव में रविवार को पुलिस ने छापा मारकर 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था। विश्व हिंदू परिषद के सत्संग प्रमुख प्रखंड का काम देखने वाले केराकत कोतवाली क्षेत्र के नरहन गांव निवासी संत राम जनम नागर बाबा ने घटना की तहरीर दी।
तहरीर के मुताबिक, तरियारी गांव निवासी अजय कुमार ने अपने घर पर आजमगढ़ के बरौनी बरदह निवासी दिवाकर, गौराबादशाहपुर थानाक्षेत्र के मैरादखान निवासी अवधेश और केराकत कोतवाली क्षेत्र के बलईपुर निवासी राजबली राम को बुलाया। वहां ईसाई धर्म परिवर्तन के लिए गांव और आजमगढ़ सहित दूरदराज की महिलाओं और पुरुषों को एकत्र किया गया। धार्मिक साहित्य के माध्यम से लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा जा रहा था।
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आरोप है कि वो लोगों को यह बता रहे हैं कि ईसाई धर्म में उन्हें हर प्रकार का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी बीमारी ठीक हो जाएगी। मान, प्रतिष्ठा और रुपये भी मिलेंगे। आरोप है कि धर्म परिवर्तन कराने वाले कह रहे थे कि अगर ईसाई धर्म की प्रार्थना न की तो पूरा परिवार बीमारी से ग्रस्त हो जाएगा। आरोप है कि प्रलोभन और बीमारी का डर बताकर समझाया-बुझाया जा रहा था।
केराकत कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद अजय कुमार, राजबली, दिवाकर और अवधेश को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से एक धर्म प्रचार पोस्टर, 26 धर्मग्रंथ, दो वास्तविक संग्रह, छह धार्मिक शास्त्र (भजन संहिता व नीति वचन), एक नया विधान और अन्य स्रोत ग्रंथ बरामद किया है। मामले की जांच की जा रही है।