बरईपार। संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह के तेवर तल्ख रहे। फरियादियों की शिकायतों के समाधान में हीलाहवाली करने वाले अफसरों को उन्होंने डांट लगाई तो दिवस में अनुपस्थित डीआईओएस, एक्सईएन, एएमए, डीडी कृषि सहित विभिन्न विभागों के 12 अफसरों के एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। संबंधित से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
मछलीशहर तहसील परिसर में आयोजित जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 216 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें आठ का मौके पर निस्तारण किया गया। राशन, भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय संबंधित शिकायतों की भरमार रही। डीएम ने सुजानगंज के ग्राम पंचायत भीलमपुर, मछलीशहर ब्लाक के ग्राम पंचायत जुड़ऊपुर में जिला कृषि अधिकारी अमित चौबे, बीईओ सुजानगंज, एई पीडब्ल्यूडी और एडीओ पंचायत की संयुक्त टीम को गांव का विस्तृत निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। संयुक्त टीम ग्राम पंचायत के विद्यालय, राशन कार्ड, चिकित्सा संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही टीम ग्राम पंचायत में पिछले दो वर्षों में दी गई धनराशि और कराए गए कार्यों का सत्यापन कर डीएम को रिपोर्ट देगी। डीएम ने टीम को प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और बारिश में गिरे मकान का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देने को कहा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य और डीपीओ संतोष कुमार सोनी को जीजीआईसी मछलीशहर की जांच के लिए निर्देशित किया। विपिन मौर्या ने मछलीशहर तहसील में स्टांप वेंडर बसंत मिश्रा पर स्टांप के लिए अधिक पैसे लेने का आरोप लगाया। तहसीलदार की जांच के बाद डीएम ने वेंडर का लाइसेंस निरस्त करने का निर्देश दिया। इस मौके पर एसपी रविशंकर छवि, सीएमओ डॉ.रामजी पांडेय, एसडीएम अमिताभ यादव, तहसीलदार संतोष सोनकर आदि मौजूद रहे।