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UP: 'छोटी बात पर सरिया निकाल लेते हो...', शिकायत पर झल्लाए बाप-बेटे ने कर दी थी हत्या; छह साल बाद उम्रकैद

Sat, 15 Nov 2025 05:56 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जाैनपुर जिले में छह साल पहले हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दोषी बाप-बेटे सहित चार लोगों को उम्रकैद हुई है। छोटी से बात को लेकर एक दुकान पर विवाद हो गया था।
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अदालत ने सुनाई सजा। - फोटो : अमर उजाला
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UP News: अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रणजीत कुमार की अदालत ने मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के फत्तूपुर कला में छह वर्ष पहले हुई हत्या के एक मामले में वादी के पिता की हत्या करने और परिवार के लोगों पर प्राण घातक हमला करने के मामले में दोषी पिता व उसके दो बेटों समेत चार आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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चंद्र प्रताप सिंह ने मुंगरा बादशाहपुर थाने में दर्ज कराया था। वादी के अनुसार 16 अगस्त 2019 को 6:30 शाम वह अपने भाई रुद्र प्रताप के साथ दुकान पर समोसा खाने गए। वहां पर पहले से धर्मेंद्र बिंद, विपिन बिंद, दिलीप बिंद बैठे थे। रुद्र प्रताप ने कहा कि विपिन आजकल तुम बहुत उत्तेजित हो रहे हो और छोटी-छोटी बात पर सरिया निकाल लेते हो।

इसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। दुकानदार ने बीच बचाव किया। वादी और उसका भाई बगल की दुकान पर चले गए। अन्य लोगों से बातचीत कर रहे थे। करीब पौने घंटे बाद दिलीप बिंद व रामप्रसाद बिंद दुकान पर थे तथा पीछे से धर्मेंद्र, मिठाई लाल बिंद व विपिन हाथ में लाठी-डंडा, सरिया लेकर आए और वादी व उसके भाई पर जानलेवा हमला कर मारे पीटे।

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पुलिस ने दर्ज किया था मामला

पिता विजय बहादुर सिंह बीच बचाव करने आए तो आरोपियों ने उनकी पिटाई की जिससे वह गिर पड़े। शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए। घटना देखे व बीच बचाव किया। घायलों को सरकारी अस्पताल मुंगरा बादशाहपुर ले जाया गया। पिता विजय को सदर जिला चिकित्सालय रेफर किया। वहां पहुंचने पर वादी के पिता को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या के दोषी मिठाई लाल बिंद व उनके पुत्र दिलीप व धर्मेंद्र तथा चौथे आरोपी राम प्रसाद बिंद सजा सुनाई। आरोपी विपिन के अवयस्क होने के कारण उसकी पत्रावली 13 अक्टूबर 2025 को अलग करते हुए किशोर न्याय बोर्ड प्रेषित की गई।
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