टैंकर और बाइक की भिड़ंत इतनी भयावह थी कि बाइक सवार तीनों युवकों का शव क्षत- विक्षत हो गया था। शवों के चिथड़े उड़ गए थे। पुलिस द्वारा फोन पर तीन युवकों की मौत की सूचना मिलने पर गांव में मातम छा गया। कुछ लोगों के घर आधा- अधूरा भोजन बन चुका था लेकिन किसी ने एक भी निवाला ग्रहण नहीं किया।
रोते- बिलखते परिजनों के साथ पूरा गांव थाने पर उमड़ पड़ा। आस-पास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त घटना में मृत राज बहादुर अलीशाहपुर गांव निवासी स्व. अंचू राम के तीन बेटों में मझला था। वहीं कैटरिंग के कार्य में मजदूरी कर घर का खर्चा चलाता था। उसकी मौत से पूरा परिवार सकते में आ गया।
इसी तरह सूरज अपने मां बाप का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से राम प्रकाश के घर का चिराग ही बुझ गया। बहन आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर रवि अभी किशोरावस्था को पार कर रहा था। उसके दो बड़े भाई उमेश व रमेश भी मेहनत मजदूरी करके घर चलाने में पिता रामा की मदद कर रहे हैं। रवि भी कैटरिंग का कार्य करता था। बड़े भाई उमेश ने बिलखते हुए बताया कि दिन में उसकी रवि से बात हुई थी, उसने कहा था कि वह जल्दी ही काम खत्म कर घर आ जाएगा। इस बीच भाई की मौत की खबर मिलने पर वह विश्वास नहीं कर पा रहा था।