धर्मापुर गांव में मनरेगा पार्क में बने तालाब का बारिश के चलते टूटा एक हिस्सा। संवाद
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जौनपुर। बारिश के चलते शनिवार की रात शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर गंदगी फैल गई। नईगंज इलाके में तो बारिश का पानी घरों में घुस गया। बारिश के कारण नदियों का जल स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
एक सप्ताह से हो रही रुक-रुक हो रही बारिश के चलते किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से सब्जियां चौपट होने की कगार पर हैं। बारिश का असर बाजार में सब्जी के दाम पर साफ दिख रहा है। किला पर पाइप लाइन ठीक करने के लिए सड़क खोद कर छोड़ दी गई है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। पश्चिम में हुई बारिश के कारण गोमती नदी जलकुंभी से पट गई है। पानी गंदा होने से स्नान करने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके अग्रवाल का कहना है कि बारिश शुरू होते ही संक्रामक बीमारियों का दौर शुरू हो गया है। मलेरिया और टाइफाइड के मरीज बढ़ने लगे हैं। नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छर पनपने लगे हैं। इसकी वजह से टाइफाइड बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में टाइफाइड बुखार के मरीज आ रहे हैं। उन्हें लंबे समय से बुखार की समस्या देखने को मिल रही है।
तेजी से फैल रही संक्रामक बीमारी, अस्पतालों में भीड़
जौनपुर। पिछले एक सप्ताह से हो रुक-रुक कर हो रही बारिश और उमस भरी गर्मी ने सभी को बेचैन कर दिया है। मानसून से पहले संक्रामक रोग कहर बरपाने लगे हैं। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। जिला अस्पताल के अलावा निजी चिकित्सालयों की ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अभिषेक मिश्र का कहना है कि यह मौसम सेहत के हिसाब से सबसे खराब है। तेजी से बैक्टीरिया एवं वायरस फैल रहे हैं। गंदगी में रहने, गंदा पानी पीने एवं उलटा-सीधा खाने से लोग वायरल एवं बैक्टीरियल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में सबसे अधिक वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं। गले में इंफेक्शन, दर्द, डायरिया, गैस्टाइटिस, पेट में मरोड़-ऐंठन एवं दर्द की शिकायत, अपच, जी मिचलाना, उल्टी-दस्त की समस्या लेकर भी मरीज आ रहे हैं।