जौनपुर। जल जीवन मिशन के तहत जिले के विभिन्न इलाकों में सड़कों की खोदाई की गई है। संबंधित विभाग का दावा है कि उन्होंने 97 फीसदी सड़क बना दी है, लेकिन अमर उजाला ने पड़ताल की तो हकीकत इससे अलग दिखी। मछलीशहर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो यहां दस किलोमीटर की सड़क में 500 से अधिक गड्ढे हैं। मिशन के तहत गांवों में जगह-जगह कच्ची व पक्की सड़क खोदकर पाइप डाल दिए गए लेकिन सड़क बनाना भूल गए। अब तक न तो नलों से पानी आ रहा है न ही टूटीं सड़कें ही बन पाईं। जिले में 1222 स्कीम पर काम चल रहा है, जिसके तहत 3136 गांव चयनित किए गए हैं। 68 फीसदी काम पूरा हो चुका है। काम पूरा करने के लिए मार्च 2029 की समय सीमा बढ़ा दी गई है। 3 हजार 328 किमी सड़कों पर गड्ढे खोदकर पाइप लाइन बिछाई जानी थी जिसमें से 3 हजार 219 किमी सड़क बनाने का दावा किया जा रहा है। यानी पाइप पाइप डालने के बाद 97 फीसदी सड़कों की मरम्मत करा दी गई। हालांकि जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ नहीं है। अधिकतर जगहों पर पाइप डालने के लिए सड़क खोदी गई लेकिन कार्यदायी संस्था उसकी मरम्मत करानी भूल गई है। ऐसे में ग्रामीणों व राहगीरों को आवागमन में समस्या हो रही है।
सुजानगंज विकासखंड के सकरा रामपुर मुस्लिम बस्ती में 3 माह पहले दर्जनों लोगों को आने-जाने का खडंजा बीचोबीच तोड़ कर पाइप डाला गया लेकिन उोको बनाया नहीं गया। गांव निवासी गफूर सकुर अब्बास ने बताया कि सड़क खराब होने से बरसात के दिनों में लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं हुई। मछलीशहर विकासखंड के रामपुर कटाहित गांव में ब्राह्मण बस्ती की तरफ जाने वाले पक्की सड़क को पांच माह पहले तोड़कर पाइप डाला गया। गांव निवासी सुनील कुमार पांडेय, संतोष कुमार ने बताया कि पाइल डालने के लिए सड़क को खोद तो दिया लेकिन उसे बनवाया नहीं गया। शाहगंज क्षेत्र के सिधाई गांव में एक साल पहले पाइप डाला गया। गड्ढों पर मिट्टी डालकर कामगार चले गए। इससे ग्रामीणों में हमेशा गड्ढे में गिरने का भय सताता रहता है। उग्रसेन, जनार्दन, रमेश, नंदू का कहना है कि कार्यदायी संस्था पाइप सड़क के किनारे डालकर मिट्टी पाटकर चले गई। बारिश में मिट्टी दबने से इन जगहों पर गड्ढे बन गए, इसके बाद भी सड़कें नहीं बन रही हैं। सुजानगंज के सकरा रामपुर गांव में पाल बस्ती और सकरा की नाविक बस्ती में चार महीने से खड़ंजा तोड़कर पाइप डाला गया लेकिन उसे सही नहीं किया गया। इससे आने-जाने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बस्ती निवासी धनंजय पाल, दारा पाल, राजनाथ, आशीष यादव, पप्पू नाविक ने बताया कि कार्यदायी संस्था ने सड़क तोड़ दी लेकिन उसे बनाई नहीं।
हमारे रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में पाइप डालने के बाद 97 फीसदी सड़क की उसी हाल में मरम्मत करा दी गई है। अगर कहीं गड्ढे रह गए हैं या मरम्मत बची हो तो इसकी जांच कर उसे ठीक कराएंगे। - महेंद्र राम, अधिशासी अभियंता, जल निगम।