एक महीना चले रमजान के बाद रविवार को ईद का चंाद दिखा। लोगों ने चांद देख कर दुआएं मांगी और एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। वहीं बाजारों में खरीददारों की रौनक बढ गई और लोग देर रात तक खरीदारी में मशगूल रहे।
रोजेदारों ने माहे रमजान का आखिरी रोजा खोला। मगरिब की नमाज अदा की और मकान तथा मस्जिदों की छतों पर चांद का दीदार करने पहुंच गए। हालांकि 29 का चांद अधिक महीन होता है जो नजरों की जद में जल्दी नहीं आता। लेकिन ईद की खुशियों से लबरेज रोजेदारों ने निगाह दौड़ाई तो दूर एक चमकते तारे के पास उन्हें ईद का चांद नजर आ गया। फिर क्या था लोगों ने पटाखे बजा कर इस बात की तस्दीक करा दी कि ईद का चांद नजर आ गया है। लोगों ने चांद देखते ही दुआएं मांगी और एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इसके साथ ही ईद की मुबारकबाद देने के लिए लोगों के मोबाइल की घंटी उधर, चांद रात होते ही रातभर कसेरी बाजार, ओलंदगंज, चहारसू, कोतवाली, जहांगीराबाद, नवाब यूसुफ रोड, रुहट्टा आदि इलाकों की दूकानों पर खरीदारी होती रही। सेवई, खजूर, खोवा, दूध, फल और कपड़ा, जूता चप्पल की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। रविवार बंदी के बावजूद त्योहार को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाजार खुले रखने का निर्देश दिया था।
उधर, घरों में महिलाओं ने भी एक दूसरों को ईद की बधाई दी और तैयारियों में जुट गई। पुरुषों के लिए कुर्ता पायजामा, टोपी का इंतजाम किया जाने लगा तो वहीं मेहमानों की आवभगत के लिए व्यंजनों का बनाया जाना भी शुरू हो गया। वहीं ग्रामीण इलाकों मुंगराबादशाहपुर, मछलीशहर, केराकत, सतहरिया, बख्शा, बरसठी, सिकरारा, करंजाकला, शाहगंज, खेतासराय, रामपुर, गौराबादशाहपुर, मीरगंज, सुइथाकला, में भी चांद देखने के बाद खुशी का माहौल रहा। लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।