जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के उतिराई गांव में शनिवार की रात इंटर कॉलेज के प्रबंधक की हत्या कर दी गई। कॉलेज के पास स्थित आवास में फर्श पर उनका शव मिला। उनके सिर पर चोट के गहरे निशान थे। सूचना पर पुलिस, डॉग स्कवॉड और एसपी ने मौका मुआयना किया। हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला।
निजामुद्दीनपुर के मूल निवासी सभापति दूबे (80) पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। एक हादसे में उनका बायां पैर खराब हो गया था। करीब 20 वर्ष पहले बिजली विभाग के लिपिक पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने गांव में सभापति इंटर कॉलेज की स्थापना की थी। वह इसके प्रबंधक थे। अविवाहित सभापति दुबे कॉलेज के बगल में आवास बनाकर रहते थे। उनकी देखभाल रामपुर निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ टिंकू करता था।
शनिवार की रात टिंकू खाना खिलाने के बाद रोज की तरह कॉलेज परिसर में सोने चला गया। भोर में जब वह आवास में पहुंचा तो गेट का ताला खुला था। अंदर चारपाई के नीचे सभापति दुबे का लहूलुहान शव पड़ा था। उनके सिर पर गहरे जख्म के निशान थे। कमरे में सामान बिखरा था। टिंकू ने आसपास के लोगों के साथ सभापति के दत्तक पुत्र मानस को सूचना दी।
कुछ ही देर में सिकरारा एसओ विनय सिंह पहुंच गए। डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम भी पहुंची। खोजी कुत्ता घटनास्थल से कुछ दूर खेत में जाकर रुक गया। वहां कमरे से गायब एक लोहे का बॉक्स खुले में फेंका मिला। दोपहर में एसपी अशोक कुमार ने आवास और कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि कमरे की स्थिति देखने से लगता है कि प्रबंधक का हमलावरों से संघर्ष हुआ था।
ऐसा लगता है कि बदमाशों ने उनका सिर दीवार से टकरा दिया था। कमरे का ताला अंदर से बंद था, जिसे चाबी से खोला गया है। संदेह पैदा करने के लिए उस पर किसी वस्तु से वार कर निशान बना दिया गया है। सामान बिखेरने के पीछे भी यही वजह हो सकती है। हर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।