सम्मनित तीनों महिला ग्राम प्रधान।
जिले के केराकत क्षेत्र की दो एवं सिकरारा की एक सहित तीन महिला ग्राम प्रधानों को गुरुवार को योगी आदित्यनाथ ने लक्ष्मी बाई पुरस्कार से नवाजा। सम्मान से उत्साहित महिला प्रधानों ने कहा कि इससे हमारा हौसला बढ़ा है क्षेत्र और गांव के विकास के लिए वे अब और मेहनत करेंगी सिकरारा प्रतिनिधि के अनुसार देवपुर गाँव की प्रधान संगीता यादव को बेहतर कार्य के लिए संमानित किया गया। गाँव की मुखिया को पुरस्कार पाने की खबर से पूरे गाँव में ख़ुशी का माहौल है। परिजनों से मिलकर आस पास के लोगों ने बधाई दी। लोगों का मुंह मीठा कराते हुए परिजन आभार ज्ञापित किए। बीडीओ प्रीति तिवारी ने बताया कि देवपुर की प्रधान संगीता यादव ने अपने बेहतर प्रयास से गाँव को ओडीएफ घोषित कराया। साथ ही साथ ग्रामीणों को नशा उन्मूलन, महिलाओं का टीकाकरण, बालिका शिक्षा तथा डिजिटल बैकिंग को प्रोत्साहन देने में बेहतर प्रदर्शन किया। इसी वजह से उन्हें लक्ष्मी बाई पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। पुरस्कार में एक लाख रुपये का चेक , प्रमाण पत्र तथा प्रशस्ति पत्र दिया गया है। ग्राम प्रधान ने बताया कि वह पुरस्कार राशि को गाँव के विकास के लिए खर्च करेंगी। केराकत और थानागद्दी क्षेत्र के बेहड़ा ग्राम पंचायत की प्रधान मंजू सिंह और भीतरी गांव की ग्राम प्रधान सरोजनी सिंह को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस वर्ष समूचे प्रदेश से 98 ग्राम प्रधानों का चयन किया गया है। जिसमें केराकत क्षेत्र के दो महिलाएं ग्राम प्रधान शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक लाख रुपये का चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। दोनों प्रधानों को सम्मानित किए जाने से गांव के लोगों ने जश्न मनाया और मिठाई बाँटकर एक दूसरे को बधाई दी।
ग्राम प्रधान बेहड़ा मंजू सिंह ने दूरभाष पर बताया कि मेरा नहीं पूरे गांव का सम्मान हुआ है। जनता के सहयोग से गाव में विकास के काम को और तेज करके आदर्श गांव बनाऊंगी । भीतरी ग्राम प्रधान सरोजिनी ने कहा धरोहर के रूप में मिले पिछड़े ग्राम की पहली बार प्रधान बनी। विकास को चुनौती स्वरूप किया और गांव के विकास का सपना साकार हुआ। प्रदेश स्तर पर भीतरी के विकास का परचम फहराने और मुख्यमंत्री योगी के हाथों पुरस्कार पाने से अत्यंत गदगद हूँ। इस पुरस्कार से विकास को और गति दूँगी।