जौनपुर। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरायख्वाजा थाने में दर्ज अपहरण के मामले से जुड़ी याची हिमांशी सिंह का बयान शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने तैयारी कर ली है। याची को अपर पुलिस अधीक्षक नगर के कार्यालय में बुलाया गया है। वहां से पुलिस सुरक्षा में उन्हें कोर्ट ले जाकर बयान दर्ज कराया जाएगा। सरायख्वाजा थाने में साल 2023 में महिला को बहलाकर ले जाने/अपहरण से संबंधित प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसकी विवेचना की जा रही है। मामले में हिमांशी सिंह की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिस रिट पिटीशन दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने तीन सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए याची का बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। एएसपी नगर आयुष श्रीवास्तव को कार्रवाई समय से कराने के निर्देश दिए गए हैं। महिला थाना प्रभारी श्यामा तिवारी भी याची के साथ कोर्ट में मौजूद रहेंगी। इसके अलावा सरायख्वाजा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर परमानंद कुशवाहा को भी कोर्ट में मौजूद रहकर बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।
सुरक्षा में न हो किसी तरह की कोई ढिलाई
एसएसपी ने अधिकारियों को याची और उसके परिवार से तत्काल संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। याची को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही जौनपुर में रहने तक उसकी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। इसके लिए एक उपनिरीक्षक, दो पुरुष आरक्षी और एक महिला आरक्षी को राउंड द क्लाक सुरक्षा में लगाया जाएगा। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता, एएसपी नगर और सरायख्वाजा प्रभारी निरीक्षक को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मामला हाईकोर्ट से संबंधित है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दो पर हो चुकी है निलंबन की कार्रवाई
मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बृहस्पतिवार को सरायख्वाजा के प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह और एसआई बृजेश सिंह को निलंबित कर दिया था। दोनों पुलिसकर्मियों पर मामले की कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है। एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए स्पष्ट किया था कि प्रकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।