जौनपुर। विधानसभा चुनाव में इस बार प्रत्याशी 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं। लेकिन उन्हें खर्च का हिसाब तैयार करना होगा। यानी वह यदि किसी को चुनाव के दौरान एक चाय भी पिलाएंगे तो उन्हें अपने चुनाव खर्च में पांच रुपये दिखाना होगा। जी हां, निर्वाचन आयोग प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखेगा। इसके लिए खर्च के दर तय कर दिए गए हैं। साथ ही सभी दलों को बीते दिनों पर बैठक में जानकारी भी दी गई है।
निर्वाचन आयोग ने जनपद के बाजारों के मूल्यों के आधार पर खर्च की दर तैयार किया है। इसके मुताबिक, एक चाय पिलाने खर्च में पांच रुपये दिखाना होगा। इसी तरह, एक समोसा खिलाने पर छह रुपये, बैठने के लिए प्लास्टिक कुर्सी की व्यवस्था एक दिन के लिए करने पर 5 रुपये, साधारण खाना खिलाने पर 75 रुपये और वीआईपी खाना खिलाने पर 250 रुपये खर्च में जोड़ा जाएगा। एक गमछा देने पर 46 रुपये जोड़ा जाएगा। वहीं क्वालिसी, सफारी जैसी गाडि़यों का एक दिन किराया चालक और तेल को छोड़कर 1200 रुपये खर्च में दिखाना होगा। इसी तरह आयोग ने टेंट हाउस, फर्नीचर, जनरेटर, माइक, प्रकाश, प्रिटिंग व छपाई, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गेस्ट हाउस, होटल के लिए भी किराए की दर लागू कर दी है।
व्यय अनुवीक्षण टीम करेगी निगरानी
जौनपुर। आदर्श आचार संहिता के पालन कराने के लिए व्यय अनुवीक्षण टीम गठित की गई है। इसमें 27 फ्लाइंग टीम, 27 स्टेटिक टीम, 9 लेखा-जोखा टीम, 9 वीडियो अवलोकन टीम, 9 वीडियो निगरानी टीम, 9 सहायक व्यय प्रेक्षक टीम, एक एसीएमसी टीम का गठन किया गया है। इसमें फ्लाइंग टीम इस समय सक्रिय हो गई है, जबकि शेष टीमें नामांकन की तिथि से क्रियाशील होंगी।