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Jaunpur News: दीक्षांत<bha>--</bha>मैं राज्यपाल नहीं, एक माता के रूप में बोल रहीं हूं..पहले घर, समाज और फिर देश बचाए

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बोलीं- दारू, मारपीट, नशाखोरी से रहे दूर, बनाएं ड्रग्स मुक्त भारत
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अंकुर शुक्ला
जौनपुर। आनंदीबेन पटेल ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चिंता जताई। उन्होंने यहां तक कहा कि इस समस्या पर आप खुद विचार करिए। मैं राज्यपाल नहीं, बल्कि एक माता के रूप में बोलती हूं। सोचिए क्या कर रहे हैं आप। मैं आपके पिता से तो नहीं, आपके बारे में बोलूंगी। इसलिए दारू, मारपीट, माता-पिता की पिटाई और सहित सभी बुरी आदतें और कामों से दूर रहें। साथ ही अपनी बातों को समाप्त करने के लिए आखिरी शब्द कहा कि पहले घर, परिवार, समाज फिर देश को बचाइए। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसके लिए नशामुक्त युवा आवश्यक हैं। युवाओं से शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया। कहा कि माता की हैसियत से वह चाहती हैं कि देश का हर युवा स्वस्थ और नशामुक्त रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का माहौल नशामुक्त होना चाहिए और विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य है। व्यक्ति की पहचान उसके संस्कार, व्यवहार और नैतिक मूल्यों से होती है। जीवन में सफलता केवल अंकों और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र और स्वस्थ जीवनशैली से तय होती है। इसके लिए उन्होंने कहा कि वह विश्वविद्यालय के परिसर के पीछे शराब की बोतलों को हब हो गया था, जिसका जिक्र मेरठ में भी किया था। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से 15 अगस्त तक नशा मुक्त युवा थीम पर कार्यक्रम चल रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। हालांकि जब से जागे तभी से ही सही। अब तो शुरू करिए। ड्रग्स मुक्त भारत बनाने के लिए अभियान में 15 लाख लोगों को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले से ही दरवाजे बंद कर दीजिए, ताकि बाहर से ही ड्रग्स की सप्लाई न होने पाए। शिक्षकों से भी अपील की। साथ ही मीट और मसाला को लेकर भी बात कही। उन्होंने सभी से मसालों और उपयोग किए जाने वाले सामान के डेट एक्सपायरी और क्वालिटी देखकर ही खरीदने को कहा। राज्यपाल ने सर्वाइकल और गर्भाशय कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी पहल को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है।

मेरे घर अतिथियों के आने पर पिलाया जाता है नींबू पानी
जौनपुर। राज्यपाल ने अपनी बात रखते हुए यह भी खुलासा किया कि वह चाय नहीं पीती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके घर में चार पीढ़ियों से चाय नहीं बनती हैं। घर में जब अतिथि आते हैं तो नींबू पानी पीने के लिए दिया जाता है।
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कारगिल दिवस पर कार्यक्रम न होने पर जताई नाराजगी
जौनपुर। राज्यपाल ने मंच से पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कारगिल दिवस पर कार्यक्रम आयोजित न होने पर नाराजगी जाहिर किया। कहा कि इस दिन कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए था।
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जर्जर भवन मिले तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई
जौनपुर। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में जर्जर भवन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी चिंता जताई। कहा कि परिसर में छोटे-छोटे काम अधूरे पड़े हुए हैं। यह ठीक नहीं है। ऐसे कोई भवन न हो जिनका उपयोग न हो उनका निस्तारण किया जाए। इसके लिए जांच एजेंसियों से बात हो चुकी है। भवनों की जांच कराई जाए और यदि निर्माण में लापरवाही मिले तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मैं जल्द ही इसे लेकर बैठक करूंगी। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बैठक भी की थी। इस दौरान जरूरी दिशा निर्देश भी दी।
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