करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित 29वें दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा शराब की बोतल मिलने और छात्रावासों में खराब व्यवस्था पर उठाए गए सवालों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है। उधर, दीक्षांत समारोह के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के मामले में एक इलेक्ट्रीशियन को निलंबित कर दिया गया है।
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मंच से ही विश्वविद्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था और हॉस्टलों की स्थिति पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि जब परिसर में विदेशी शराब की बोतल मिल रही है तो अनुशासन और व्यवस्था का स्तर समझा जा सकता है। राज्यपाल की इस टिप्पणी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में खलबली मची हुई है। ट्रांजिट हॉस्टल के पास विदेशी शराब की बोतल और नशे से संबंधित सामग्री मिलने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में प्रो. राज कुमार सोनी (प्रॉक्टर), प्रो. सौरभ पाल (चीफ वार्डन) और प्रो. अजय प्रताप सिंह (व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग) को सदस्य बनाया गया है। समिति पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। उधर, दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल की मौजूदगी में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इस घटना ने विश्वविद्यालय की तैयारियों पर भी सवाल पैदा हो गए। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए इलेक्ट्रीशियन धीरज श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 13 अधूरे निर्माण कार्यों को जल्दी पूरे कराने के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के प्रमुख निदेशक, एनसीसीएफ और सीएंडडीएस को पत्र भेजा है। अधिकारियों को चेताया गया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे कराएं।
उधर, छात्रावासों में छात्रों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था में सुधार के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। इसमें प्रो. सौरभ पाल (चीफ वार्डन), डॉ. प्रमोद कुमार यादव (छात्र अधिष्ठाता कल्याण) और प्रो. संतोष कुमार (इंजीनियरिंग संस्थान) को शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टलों की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए वार्डन के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है। ट्रांजिट हॉस्टल के वार्डन डॉ. रंजित राम सोनकर को हटाकर उनकी जगह इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. मनीष प्रताप सिंह को वार्डन नियुक्त किया गया है। द्रोपदी छात्रावास की वार्डन पूजा सक्सेना (फार्मेसी संस्थान) की जगह डॉ. अनु त्यागी ( व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग) को नया वार्डन बनाया गया है। छात्रावासों में परोसे जाने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की भी अब निगरानी रखी जाएगी। खाद्य सामग्री जैसे मसाले, तेल, दाल आदि की जांच के लिए डॉ. मनीष कुमार गुप्ता (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासनहीनता, लापरवाही और गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।