सुजानगंज थाना क्षेत्र में दहेज हत्या के मामले में पति, सास व ससुर को दोषी करार देते हुए स्पेशल जज (ईसी एक्ट) बंशबहादुर यादव ने खुले न्यायालय में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार मछलीशहर थाना क्षेत्र के महमदपुर निवासी सुक्खूराम ने सुजानगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया कि पुत्री मीता देवी की शादी 24 मई 2007 को सुजानगंज थाना क्षेत्र के तरसांव गांव निवासी कपिलदेव पुत्र महादेव के साथ
किया था। लड़की विदा होकर ससुराल गई तो पति कपिलदेव, ससुर महादेव व सास मन्ती देवी दहेज में मोटर साइकल व 50 हजार रुपये नगद की मांग को लेकर पुत्री को प्रताडि़त कर हत्या कर दी। हत्या पांच अप्रैल 2011 की शाम की गई।
लड़की की लाश सई नदी पर स्थित मंदहा घाट पर आठ अप्रैल को बरामद हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामलखन यादव व राजेश श्रीवास्तव
ने छह गवाह पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहश व तर्को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।