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भूख लगी है तो पानी पीकर सो जाओ...

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18- सिंगरामऊ से अपने घरों के लिए जाते दूसरे प्रदेशों से आये लोग। - फोटो : JAUNPUR
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सिंगरामऊ। लॉक डाउन के बाद से गैर प्रांतों में फंसे लोगों को घर वापसी में तमाम तरह की दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। उन्हें बसों से जहां-तहां उतारकर छोड़ दिया जा रहा है। क्वारंटीन सेंटर में भी अव्यवस्था है। भूख-प्यास से बेहाल लोगों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं। सिंगरामऊ के एक क्वारंटीन सेंटर में जब लोगों ने भोजन मांगा तो कहा गया कि ‘भूख लगी है तो पानी पीकर सो जाओ, क्वारंटीन सेंटर है तुम्हारा घर नहीं’।
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यहां सोमवार की रात लगभग छह बसों से ढाई सौ लोग सिंगरामऊ बॉर्डर पर पहुंचे। मुंबई, गुजरात, पंजाब से ट्रेन में लखनऊ तक आए इन यात्रियों को राजा हरपाल सिंह इंटर कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में रख दिया गया। उनकी निगरानी के लिए कानूनगो अनिल कुमार की ड्यूटी लगाई गई है। यहां रहने-खाने का कोई इंतजाम नहीं है। संदीप कुमार ने बताया कि ट्रेन में एक बार खाना मिला था। इसके बाद लखनऊ पहुंचने पर दोपहर में नाश्ता कराया गया। इसके बाद से ही भूखे हैं। राकेश कुमार, सुनील, सोनू का कहना था कि रात में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भोजन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सुबह तक कुछ नहीं हो पाएगा। ‘भूख लगी है तो पानी पीकर पेट भरो और गमछा बिछाकर सो जाओ। यह क्वारंटीन सेंटर है , तुम्हारा घर नहीं।’ आशुतोष मिश्र ने बताया कि रात भर बच्चे भूख से छटपटाते रहे। सुबह ग्रामीण ने उन्हें आधा लीटर दूध दिया। महाराष्ट्र से आए राजेश ने बताया कि सोमवार की रात दस बजे हमें बस यहां उतार कर वापस चली गई। अब यहॉ से पूरे जिले के यात्री पैदल ही अपने घर जाए। प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है। सुबह यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई लेकिन चाय तक की व्यवस्था नहीं थी। स्क्रीनिंग के बाद लोग अपने घर चले गए।
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